दिल्ली की हवा एक बार फिर दमघोंटू होती जा रही है और इसी के साथ सरकार ने प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए बड़ा और सख्त कदम उठा लिया है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार ने साफ कर दिया है कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए कोई ढील नहीं होगी।
नेपाल में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की आशंका को देखते हुए काठमांडू में वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। अगले तीन दिनों तक लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।
दिल्ली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों पर लगे बैन को चुनौती दी है। सरकार का कहना है कि पाबंदी उम्र के बजाय उत्सर्जन के आधार पर होनी चाहिए।
Aap Ki Adalat: सीएम रेखा गुप्ता ने दिल्ली में पुराने वाहनों के मुद्दे पर अपनी बेबाक राय सामने रखी है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली गैस चैंबर बन गई है। इसके बजाय दिल्ली को ग्रीन कैपिटल बनना चाहिए था।
दिल्ली में पुराने वाहनों पर सख्ती लगाई गई है। अब 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन को ईंधन नहीं मिलेगा। ऐसे में दिल्ली के लोग काफी परेशान हैं।
पुराने वाहनों के मामले में दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला किया है। दरअसल दिल्ली के किसी भी पेट्रोल पंप पर अब 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को ईंधन नहीं दिया जाएगा।
जब गाड़ी पेट्रोल पंप पर आएगी तो कैमरा गाड़ी का नंबर अनाउंस करेंगी। यह बताएगी कि गाड़ी कितनी साल पुरानी है। अगर गाड़ी 15 साल पुरानी है या 10 साल पुरानी है तो तुरंत एक्शन लिया जाएगा।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण का स्तर हाल के समय में बहुत खतरनाक हो गया। हालांकि अब एक्यूआई लेवल नीचे गिरा है। लेकिन अब भी प्रदूषण बना हुआ है। इसी बीच सरकार ने हैवी गाड़ियों पर अब भी प्रतिबंध कायम रखा है। जबकि स्कूल और दफ्तर 9 नवंबर से पूरी क्षमता से खुल जाएंगे।
सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि गाड़ियों को ऑड-ईवन (सम-विषम) आधार पर चलाना या वाहनों पर पाबंदी दिल्ली में प्रदूषण की समस्या का समाधान नहीं है।
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