उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी SIR को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है। बुधवार को समाजवादी पार्टी के नेताओं ने चुनाव आयोग से मिलकर फॉर्म 7 के जरिए हो रही गड़बड़ियों का आरोप लगाया। समाजवादी पार्टी के 12 नेता लखनऊ में यूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा से मिले।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि फॉम 7 के जरिए बड़ी संख्या में वोट काटे जा रहे हैं। बीजेपी के नेता दूसरे के नाम पर फॉर्म भर रहे हैं। फर्जी साइन करके फॉर्म जमा करवा रहे हैं। जिन इलाकों में पिछले चुनाव में समाजवादी पार्टी जीती थी, उन इलाकों में खासतौर पर पिछड़े, दलित और मुसलमानों के वोट काटे जा रहे हैं। मीटिंग के बाद समाजवादी पार्टी के नेताओं ने दावा किया कि उन्होंने जो सबूत दिए हैं, उन्हें चुनाव आयोग ने स्वीकार किया है और कार्रवाई का भरोसा भी दिया है।
हालांकि, समाजवादी पार्टी के नेताओं के दावों की पोल कुछ ही देर के बाद चुनाव आयोग ने खोल दी। नवदीप रिणवा ने आंकड़ों के साथ बता दिया कि समाजवादी पार्टी के दावों में कोई दम नहीं है। उन्होंने कहा कि लाखों की संख्या में फॉर्म 7 भरे जाने की बात गलत है। हकीकत तो ये है कि हर विधानसभा की बात की जाए तो दूसरों के नाम काटने के लिए भरे गए फॉर्म्स की संख्या तो हजारों में भी नहीं है।
नवदीप रिणवा ने बुधवार को अखिलेश यादव के आरोप का जवाब दिया। अखिलेश ने जिन-जिन विधानसभा और बूथ का नाम लिया, बल्क में नाम काटने की शिकायत की, उनकी डिटेल रिपोर्ट भी दी और एक भी ऐसी जगह सामने नहीं आई, जहां अखिलेश का दावा सच्चा हो।
नवदीप रिणवा ने डिटेल रिपोर्ट दी तो सरकार ने समाजवादी पार्टी को निशाने पर ले लिया। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश को हार दिख गई है, इसलिए वो अभी से बहाने वाली पॉलिटिक्स शुरू कर रहे हैं। बीजेपी नेता नरेंद्र कश्यप ने भी सपा पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश को SIR फोबिया हो गया है और इसके पीछे हार का डर है।
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