Viral Video : भारत की यात्रा कर रहे दो कनाडाई नागरिकों की स्लीपर क्लास की ट्रेन यात्रा उस समय यादगार बन गई जब कुछ जिज्ञासु छोटे बच्चे उनके केबिन में घुस आए। इंस्टाग्राम पर वायरल हो रही एक पोस्ट में किम ग्रीनवुड ने बताया कि कैसे उन्होंने गलती से स्लीपर क्लास का टिकट बुक कर लिया था, यह सोचकर कि उन्हें और उनके साथी को ज़्यादा आराम मिलेगा। हालांकि, अगले सात घंटों में उनकी यात्रा ने एक अलग ही मोड़ ले लिया। वीडियो में उन्होंने बताया कि, कैसे अचानक उनको इस यात्रा में मजा आने लगा और फिर उनकी यात्रा यादगार बन गई।
इस पोस्ट को इंस्टाग्राम पर @kimgreenwood1117 नामक हैंडल से शेयर किया गया था। वीडियो के कैप्शन में लिखा था कि, 'हममें से एक, यानी मैंने, सुबह जल्दी जलगोन जंक्शन से चंद्रपुरा जाने वाली ट्रेन में स्लीपिंग कार बुक की, यह सोचकर कि हमें ज़्यादा नींद मिलेगी। यह तर्कसंगत लग रहा था। हालांकि, भारत में ट्रेनों में उपलब्ध विभिन्न टिकट श्रेणियों के बारे में और अधिक जानकारी होनी चाहिए। कुछ ट्रेनों में स्लीपर सीट तीसरी श्रेणी में होती है। 12655 नंजावीत एक्सप्रेस तो निश्चित रूप से ऐसी ही है। जब तक आप दूसरी या तीसरी बर्थ बुक नहीं करते, आपकी (सोने की) सीट आपकी अपनी नहीं होती, वह सबके लिए होती है। एक कम्युनिटी को एक साथ काम करते और एक बड़े परिवार की तरह सह-अस्तित्व में रहते देखकर मैं बहुत प्रभावित, आश्चर्यचकित और उन सभी भावनाओं से भर गया जो एक व्यक्ति महसूस कर सकता है। हमारी बर्थ पर जो लोग थे, वे अलग-अलग परिवारों से थे। कुछ लोगों ने हमें ट्रेन के स्टॉप पर खिड़कियों से खाना लाकर खिलाया, कुछ ने ट्रेन में खाना बेचने वालों से और कुछ ने अपनी माँ का बनाया हुआ खाना दिया। बच्चों को कनाडाई पर्यटकों का आकर्षण बहुत पसंद आया, लेकिन स्थानीय लोगों के बीच के संबंध और सहयोग का स्तर देखना एक ऐसी चीज है जिसकी हर किसी को आकांक्षा करनी चाहिए। सात घंटे की नींदहीन ट्रेन यात्रा, लेकिन मैं इसे बदलना नहीं चाहूंगा।'
इस वीडियो को अब तक 615,000 से ज्यादा बार देखा जा चुका था और सोशल मीडिया यूजर्स ने कनाडा के नागरिकों की इस अनुभव को नाराज होने के बजाय सहजता से लेने के लिए उनकी सराहना की। एक यूजर ने कहा कि, 'मुझे उम्मीद है कि आपको ट्रेन का सफर बहुत अच्छा लगा होगा। बचपन में ये सफर हमारे लिए वाकई यादगार होता है।' दूसरे ने लिखा कि, 'मेरी मुलाकात भी एक विदेशी महिला से हुई। वो अकेली थी और मैं कोटा जा रहा एक बच्चा था। वो मथुरा में उतर गई, लेकिन हमने साथ में समय बिताया। बहुत मजा आया।' तीसरे ने लिखा कि, 'मुझे आपका इस सब के प्रति सकारात्मक रवैया बहुत पसंद आया। ज्यादातर लोग नींद खराब होने पर परेशान हो जाते। आपकी घुमक्कड़ मानसिकता की सराहना करते हैं, आपने चीजों को इतना प्यारा और मजेदार मोड़ दिया है।' चौथे यूजर ने लिखा कि, 'ट्रेन यात्रा के दौरान लोगों के पास हवाई जहाज़ या बस यात्रा की तुलना में अधिक कहानियां होने का एक कारण है। जिस तरह आपके आस-पास के सभी लोग एक बड़े परिवार की तरह बन जाते हैं और अपनी कहानियां, अनुभव, हंसी, दुख और भोजन साझा करते हैं, वह वाकई अद्भुत है।'
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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