Turritopsis dohrnii Jellyfish: हम में ज्यादातर लोग अपनी जवानी से बहुत प्यार करते हैं और शायद कभी बूढ़ा होना नहीं चाहते। शरीर जवान बना रहे, इसके लिए अपने लाइफस्टाइल को अच्छा बनाते हैं, व्यायाम करते हैं, खाने-पीने की चीजों को ख्याल रखते हैं, लेकिन दुनिया में एक ऐसा प्राणी भी है जो खतरा देखकर खुद को जवान बना लेता है। दोबारा से अपने आपको पॉलिप चरण में पहुंचा देता है और वहां फिर से विकसित होता है। इसीलिए इसे अजर-अमर और अविनाशी कहा जाता है। इस खबर में इस खास प्राणी के बारे में जानिए।
बता दें कि इस प्राणी का नाम Turritopsis dohrnii है जो जेलीफिश की प्रजाति है। इसे 'अमर' माना जाता है, क्योंकि यह बुढ़ापा, बीमारी या शारीरिक चोट लगने पर खुद के जीवन चक्र को उलट लेता है। Turritopsis dohrnii अपने वयस्क 'मेडुसा' फेज से वापस प्रारंभिक 'पॉलिप' फेज में लौट जाता है और फिर से विकसित होने की प्रक्रिया से गुजरता है। पॉलिप फेज, इंसानों की शिशु अवस्था जैसा है।
जान लें कि यह सिर्फ 'Transdifferentiation' नामक एक दुर्लभ कोशिका प्रक्रिया यानी Rare Cell Process से मुमकिन है। यह प्रोसेस सैद्धांतिक तौर पर इसे अनिश्चित काल तक जवान बने रहने की ताकत देता है।
छोटी उंगली के नाखून से भी है छोटा
इस अमर जेलीफिश का वैज्ञानिक नाम Turritopsis dohrnii है। इस जैसे ही खतरा लगता है, यह अपने टेंटेकल्स को सिकोड़ कर समुद्र के तल पर बैठ जाती है और फिर से पॉलीप बन जाती है। इसका आकार बहुत छोटा होत है। यह करीब 4.5 मिलीमीटर का होता है। यानी इसका आकार छोटी उंगली के नाखून से भी छोटा होता है।
गौरतलब है कि वैज्ञानिक Turritopsis dohrnii जेलीफिश के DNA की स्टडी कर रहे हैं। वे समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इसकी सेल्स की फिर से जीवंत होने की क्षमता का इस्तेमाल कैंसर जैसी बीमारियों के इलाज या इंसानों में उम्र बढ़ाने या उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए हो सकता है।
ये भी पढ़ें- अमर या कुछ और? सिर को धड़ से पूरा अलग कर देने पर भी नहीं मरता ये प्राणी, जानिए साइंस के गजब सिस्टम का कमाल
संपादक की पसंद