आज तक आपने इंसानों को पेंटिंग करते हुए देखा होगा, लेकिन इस वक्त एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसमें एक डॉगी पेंटिंग करते दिख रही है। जी हां! आपने सही सुना, ये डॉगी कोई मामूली कुत्तिया नहीं बल्कि एक कलाकार है जो कैनवास पर शानदार पेंटिंग करती है। इस डॉगी का नाम डाली है, जो हैदराबाद के मणिकोंडा इलाके में रहती है। दो साल की रेस्क्यू लैब्राडोर डाली आज न केवल एक पालतू जानवर है, बल्कि वह भारत की पहली वॉटरकलर पेंटिंग करने वाली कुत्तिया है। इस डॉगी का नाम मशहूर चित्रकार साल्वाडोर डाली के नाम पर रखा गया है। फिलहाल इस डॉगी ने अपने टैलेंट के दम पर दुनिया भर के लोगों का दिल जीता है।
आपको बता दें कि डाली जब 45 दिन की थी तब उसे लावारिस हालत में बांधकर छोड़ दिया गया था। फिर डाली के जीवन में एक कपल उसका गार्जियन एंजल बनकर आया, जिनका नाम स्नेहांशु देबनाथ और होई चौधरी था। उन्होंने डाली का रेस्क्यू किया और उसे गोद ले लिया, जिसके बाद उन्होंने डाली को एक नया घर और प्यार भरा जीवन भी दिया। डाली की क्रिएटिविटी तब सामने आई जब उसने अपने मालिक के ब्रश को छीनकर रंगों के साथ खेलना शुरू किया। बिना किसी ट्रेनिंग के डाली ने खेल-खेल में 37 से भी अधिक पेंटिंग्स बना डालीं, जिसकी प्रशंसा उसे देखने वाला हर एक इंसान करता है।
डाली की पेंटिंग्स केवल कला का नमूना नहीं, बल्कि एक मिशन का हिस्सा भी हैं। 2024 में उसकी 12 चुनिंदा पेंटिंग्स को एक कैलेंडर में छापा गया, जिसकी बिक्री से 35,000 रुपये इकट्ठा हुए थे। यह राशि हैदराबाद की एक एनिमल रेस्क्यू संस्था ‘मार्ग’ को दान कर दी गई थी, जो आवारा जानवरों के कल्याण के लिए काम करती है। हैरानी की बात यह है कि इस कैलेंडर की मांग अमेरिका, कनाडा, चीन और थाईलैंड जैसे देशों से भी आई। डाली की कला अब वैश्विक स्तर पर आवारा जानवरों के लिए फंड जुटाने में मदद कर रही है।
डाली की प्रतिभा को एक अगले स्तर तक पहुंचाने में उसके मालिकों ने उसकी काफी मदद की और अब उसकी पहली आर्ट एग्जिबिशन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। यह आर्ट एग्जिबिशन न केवल डाली की अनोखी कला को दुनिया के सामने लाएगी, बल्कि आवारा जानवरों के लिए और भी अधिक धन जुटाने में भी मदद करेगी। डाली का छोटा भाई मिरो, जो खुद भी एक रेस्क्यू डॉग है, उसके साथ खेलता है और इस भाई-बहन के जोड़े ने अपने मालिकों के जीवन को खुशियों से भर दिया है।
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