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ममता बनर्जी ने अचानक उठाया बड़ा कदम, सिलीगुड़ी में CAA विरोधी रैली रद्द की

Edited By: Vineet Kumar Singh @VickyOnX Published : Mar 13, 2024 11:48 am IST, Updated : Mar 13, 2024 11:48 am IST

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए CAA के विरोध में रैली करने वाली थीं लेकिन बुधवार सुबह यह घोषणा की गई कि मुख्यमंत्री केवल प्रशासनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी।

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Image Source : PTI FILE पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सिलीगुड़ी में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के विरोध में बुधवार को प्रस्तावित रैली रद्द करने और कोलकाता लौटने का फैसला किया है। बता दें कि मुख्यमंत्री को एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक में भाग लेने के अलावा CAA लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले के विरोध में आज सिलीगुड़ी में एक मेगा रैली का भी नेतृत्व करना था। हालांकि, बुधवार सुबह यह घोषणा की गई कि मुख्यमंत्री केवल प्रशासनिक कार्यक्रमों में भाग लेंगी और फिर कोलकाता लौट जायेंगी।

2019 में उत्तर बंगाल में साफ हो गई थी तृणमूल

बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में उत्तर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के खराब प्रदर्शन को देखते हुए सिलीगुड़ी में सीएए विरोधी रैली महत्वपूर्ण थी, लेकिन इसे अब रद्द कर दिया गया है। उत्तर बंगाल में 8 लोकसभा सीटों में से 2019 में बीजेपी के उम्मीदवारों ने 7 पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस ने एक सीट जीती थी। पूरे पश्चिम बंगाल में शानदार प्रदर्शन करने वाली तृणमूल कांग्रेस का यहां खाता भी नहीं खुल सका था। बता दें कि पश्चिम बंगाल में CAA का काफी ज्यादा असर होने की संभावना है क्योंकि बांग्लादेश से 1970 के दशक और उसके बाद आए हिंदू धर्म के तमाम लोग नागरिकता की बाट जोह रहे हैं।

पुनर्वास के लिए कानूनी बाधाओं को दूर करेगा CAA

सरकार का कहना है कि CAA पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर,2014 से पहले भारत आए गैर-मुस्लिम प्रवासियों, यानी कि हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई को भारतीय राष्ट्रीयता प्रदान करने का मार्ग प्रशस्त करता है। यह कानून पुनर्वास के लिए कानूनी बाधाओं को दूर करेगा और नागरिकता प्रदान कर दशकों से पीड़ित शरणार्थियों के लिए गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करेगा। यह कानून उन लोगों के लिए है जिन्होंने वर्षों से उत्पीड़न सहा है और जिनके पास भारत के अलावा दुनिया में कोई और शरण स्थल नहीं है।

CAA के तहत कैसे मिलेगी भारत की नागरिकता?

CAA के तहत भारतीय नागरिकता पाने के इच्छुक लोगों को आवेदन करने की तारीख से पहले देश में कम से कम 12 महीने तक रहना अनिवार्य है। नियमों में कहा गया है कि इन 12 महीनों से ठीक पहले के 8 वर्षों के दौरान भी आवेदकों द्वारा देश में कम से कम 6 साल बिताया गया हो, तभी उन्हें भारत की नागरिकता प्राप्त करने के लिए पात्र माना जाएगा। नियमों के मुताबिक, आवेदकों को यह घोषणापत्र भी देना होगा कि वे मौजूदा नागरिकता को ‘अपरिवर्तनीय रूप से’ त्याग रहे हैं और वे ‘भारत को स्थायी घर’ बनाना चाहते हैं। (IANS)

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