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जापान के हिरोशिमा पर अमेरिका ने 6 अगस्त को किया था परमाणु बम से हमला, 78 वर्ष पहले ऐसे आया था जलजला

 Published : Aug 06, 2023 07:28 pm IST,  Updated : Aug 06, 2023 07:50 pm IST

’ अमेरिका द्वारा छह अगस्त, 1945 को हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम ने शहर को पूरी तरह से तबाह कर दिया था और उसमें 1,40,000 लोग मारे गए थे। इसके तीन दिन बाद नागासाकी पर गिराए गए दूसरे बम में 70,000 लोग मारे गए थे। जापान ने 15 अगस्त, 1945 को आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया।

हिरोशिमा, जहां पर अमेरिका ने गिराया था परमाणु बम।- India TV Hindi
हिरोशिमा, जहां पर अमेरिका ने गिराया था परमाणु बम। Image Source : AP

आज ही के दिन 6 अगस्त 1945 को अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था। इस हमले में सैकड़ों लोग मारे गए थे। 78 वर्ष बाद भी भयावह त्रासदी की काली यादें आज भी लोगों के जेहन में जिंदा हैं। परमाणु हमले के शिकार हिरोशिमा शहर के अधिकारियों ने यूक्रेन-रूस के बीच जारी युद्ध और कोरिया में मौजूदा तनाव के मद्देनजर दुनियाभर में प्रतिरोधक के रूप में परमाणु हथियारों के लिए बढ़ते समर्थन की आलोचना की है। हिरोशिमा में रविवार को परमाणु बम हमले की 78वीं बरसी पर शहर के अधिकारियों ने हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए यह बात कही।

हिरोशिमा ने दो महीने पहले ही दुनिया के सात प्रमुख औद्योगिक देशों के समूह जी-7 के शिखर सम्मेलन की मेजबानी की थी, जिसमें जी-7 के सदस्य देशों के नेताओं ने शहर के शांति पार्क और दुनिया के पहले परमाणु हमले में मारे गए लोगों को समर्पित एक संग्रहालय का दौरा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। जी-7 सदस्य देशों के नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर परमाणु हथियारों का निरंतर उपयोग न करने का आह्वान किया था। लेकिन, उन्होंने रक्षात्मक उद्देश्यों की पूर्ति, आक्रामकता को रोकने और युद्ध तथा आक्रमण को रोकने के लिए ऐसे हथियारों को रखने को भी उचित ठहराया था। हिरोशिमा के मेयर काजुमी मात्सुई ने स्मरणोत्सव में अपने शांति संबोधन में जी-7 के सदस्य देशों के इस रुख को खारिज कर दिया।

जापान ने दुनिया भर के नेताओं से की ये अपील

मेयर काजुमी मात्सुई ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘ दुनिया भर के नेताओं को इस वास्तविकता का सामना करना चाहिए कि कुछ नीति निर्माताओं द्वारा परमाणु खतरों के बारे में अब जो आवाज उठाई जा रही है, वह परमाणु प्रतिरोधक क्षमता रखने के सिद्धांत की अदूरदर्शिता को उजागर करती है। उन्हें हमें वर्तमान के मौजूदा खतरों से बाहर निकाल कर हमारी आदर्श दुनिया की ओर ले जाने के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए। ’’ हिरोशिमा के गवर्नर हिदेहिको युज़ई ने जापान सहित दुनिया भर में परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि को लेकर बढ़ती मांग पर सवाल करते हुए कहा, ‘‘परमाणु प्रतिरोधक क्षमता में यकीन करने वाले वे लोग, जो कहते हैं कि परमाणु हथियार शांति बनाए रखने के लिए अपरिहार्य हैं, वे परमाणु निरस्त्रीकरण की दिशा में प्रगति में केवल देरी कर रहे हैं।

’’ अमेरिका द्वारा छह अगस्त, 1945 को हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम ने शहर को पूरी तरह से तबाह कर दिया था और उसमें 1,40,000 लोग मारे गए थे। इसके तीन दिन बाद नागासाकी पर गिराए गए दूसरे बम में 70,000 लोग मारे गए थे। जापान ने 15 अगस्त, 1945 को आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया। (एपी)

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