बांग्लादेश में हालात हर पल बदल रहे हैं। बांग्लादेश में छात्रों के प्रदर्शन ने पहले हिंसक रूप लिया और बात तख्तापलट तक पहुंच गई। हालात इस कदर बिगड़े कि शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और बांग्लादेश से बच कर निकलना पड़ा। शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बांग्लादेश की कमान किसके हाथों में होगी। इस बीच सेना आगे आई है। बांग्लादेश के सेना प्रमुख ने कहा है कि देश को अंतरिम सरकार चलाएगी।
बांग्लादेश के पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद को एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया है। महमूद शेख हसीना की सरकार में मंत्री थे।
बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शन में मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 440 हो गई। स्थानीय मीडिया में आई खबरों के मुताबिक शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से सोमवार को इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद हुई हिंसा की घटनाओं में 100 से ज्यादा की मौत हुई है।
बांग्लादेश हमेशा से भारत का महत्वपूर्ण पड़ोसी रहा है। शेख हसीना को हटाना ही प्रदर्शन का एकमात्र एजेंडा था। शेख हसीना की पार्टी से जुड़े लोगों की प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। हिंदुओं की दुकानों और मंदिरों को आग लगाई जा रही है। बीएसएफ को अलर्ट पर रहने के लिए बोल दिया गया है: विदेश मंत्री एस. जयशंकर
बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी पड़ोसी देश बांग्लादेश के मौजूदा हालात को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के फैसलों के साथ है। मायावती ने बांग्लादेश के घटनाक्रम को लेकर दिल्ली में हुई सर्वदलीय बैठक का जिक्र करते हुए ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘पड़ोसी देश बांग्लादेश के तेजी से बदलते हुए राजनीतिक हालात के मद्देनजर आज की सर्वदलीय बैठक अति महत्वपूर्ण है जिसमें सभी दलों द्वारा सरकार के फैसलों के साथ रहने का निर्णय उचित व जरूरी है। बसपा भी इस मामले में केंद्र सरकार के फैसलों के साथ है।’’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश में करीब 18 हजार के आसपास भारतीय थे, जिनमें से बड़ी संख्या में छात्र वापस आ गए हैं। वहां 12 से 13 हजार लोग अभी हैं। हिंदू अल्पसंख्यकों के कारोबारी प्रतिष्ठानों और मंदिरों पर हमले हुए हैं और यह सबसे चिंताजनक बात है। हम ढाका प्रशासन के संपर्क में हैं और अपने राजदूतों व हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा और गहरा विभाजन, और ध्रुवीकरण हुआ है। हम स्थिति सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं। हमारी सीमाओं पर सुरक्षा बल स्थिति पर नजर रख रहे हैं और वो अलर्ट पर हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बंग्लादेश के हालात पर राज्यसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश हमारे बहुत करीब है। जनवरी से वहां टेंशन है। बंग्लादेश में हिंसा जून-जुलाई में शुरू हु़ई। हम वहां की राजनीतिक पार्टियों के संपर्क में थे। कोटा सिस्टम पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी बंग्लादेश में हालात नहीं सुधरे और शेख हसीना को इस्तीफा देना पड़ा। 4 अगस्त को सबसे ज्यादा हालात बिगड़े। सबसे ज्यादा वहां अल्पसंख्यकों पर हमले हुए हैं, जो चिंता का विषय है।'
शेख हसीना के बांग्लादेश के प्रधानमंत्री पद से सोमवार को इस्तीफा देने और देश छोड़कर चले जाने के बाद वहां पैदा हुई अराजकता के बीच देशभर में हिंसा की घटनाओं में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।
बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए एस जयशंकर ने कहा कि भारत पड़ोसी देश में मौजूद 10 हजार से अधिक भारतीय छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत बांग्लादेशी सेना के संपर्क में है।
शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में राष्ट्रपति शहाबुद्दीन से संसद को तुरंत भंग करने और आज ही अंतरिम सरकार के गठन का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री के लिए बीएनपी की ओर से अभी तक कोई नाम प्रस्तावित नहीं किया है, लेकिन पार्टी का कहना है कि जब राष्ट्रपति हमें बुलाएंगे तो हम नाम का प्रस्ताव देंगे।
बांग्लादेश पर आज 3:30 बजे विदेश मंत्री एस जयशंकर संसद में बयान देंगे। इस दौरान जयशंकर बांग्लादेश के हालात पर भारत सरकार का रुख देश के सामने रख सकते हैं।
लोकसभा में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने जीरो ऑवर में बांग्लादेश का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की। स्पीकर ओम बिरला ने जानकारी देते हुए बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर इस मुद्दे पर राज्य सभा में 2:30 और राज्यसभा में 3:30 बजे बयान देंगे। इससे पहले मनीष तिवारी ने कहा, "बांग्लादेश की परिस्थिति बहुत संवेदनशील है, जिस तरह के हालात इस समय बांग्लादेश में बने हुए हैं वो पूर्व और दक्षिण एशिया के लिए चिंताजनक हैं। उम्मीद करता हूं कि आज दोनों सदनों में इस पर विस्तृत बहस होगी। यह बहुत जरूरी है कि इस मुद्दे पर सदन में बहस हो।"
बांग्लादेश के हालात को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मौजूदा हालातों पर सभी दलों के नेताओं को जानकारी दी। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी विदेश मंत्री एस जयशंकर से सवाल पूछा कि क्या चीन या कोई और विदेशी ताकत बांग्लादेश की घटना के लिए जिम्मेदार है। राहुल गांधी के इस सवाल पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जवाब देते हुए कहा कि इस बारे में कहना मुश्किल है लेकिन ऐसी किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सर्वदलीय बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बताया कि बांग्लादेश की स्थिति पर भारत सरकार कड़ी नजर रख रही है, जो भी स्थिति होगी उसके बारे में सूचित किया जाएगा। विदेश मंत्री ने बताया कि बांग्लादेश में करीब 12 से 13 हजार भारतीय हैं, स्थिति इतनी चिंताजनक नहीं है कि उनको एयरलिफ्ट करने की नौबत आए। सरकार ने हसीना से संक्षिप्त चर्चा की है और उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं पर अभी कुछ भी तय नहीं किया है।
बांग्लादेश में राजनीतिक संकट पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण संकेत जो हमें बांग्लादेश के लोगों को भेजना है, वह यह है कि हम उनके साथ खड़े हैं। हम लोगों के साथ हैं, हम उनके अपने राजनीतिक भाग्य और अपने प्रतिनिधि का निर्धारण करने के अधिकार के लिए खड़े हैं, यह कहने के बाद, हमें स्पष्ट रूप से बहुत अधिक सतर्क रहना होगा। कुछ परेशान करने वाली रिपोर्टें सामने आ रही हैं, उम्मीद है कि वहां माहौल शांत हो, स्थिति आने वाले एक-दो दिन में स्थिर हो सकती है, अगर ऐसा नहीं होता है तो निश्चित रूप से हमारे देश में शरणार्थियों के आने का खतरा है..."
बांग्लादेश के हालात को लेकर केंद्र सरकारकी तरफ से सर्वदलीय बैठक संसद भवन परिसर में हुई। इस सर्वदलीय बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और जेपी नड्डा मौजूद रहे। वहीं, अन्य राजनीतिक दलों की बात करें तो लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, डीएमके से टी आर बालू, सपा से रामगोपाल यादव, टीएमसी से सुदीप बंदोपाध्याय, बीजेडी से सस्मित पात्रा सहित लोकसभा और राज्यसभा में विभिन्न राजनीतिक दलों के फ्लोर लीडर्स बैठक में शामिल हुए। बैठक में विदेश मंत्री ने बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर जानकारी दी।
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