1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. जयशंकर ने परोक्ष रूप से कर दी पाकिस्तान की धुलाई, बोले आतंकवाद को पनाह देने वालों को...

जयशंकर ने परोक्ष रूप से कर दी पाकिस्तान की धुलाई, बोले आतंकवाद को पनाह देने वालों को...

 Published : Jul 04, 2024 06:28 pm IST,  Updated : Jul 04, 2024 06:29 pm IST

कजाखिस्तान की राजधानी अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता है।

s Jaishankar at SCO summit- India TV Hindi
s Jaishankar at SCO summit Image Source : S JAISHANKAR (X)

अस्ताना: भारत ने बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से उन देशों को ‘अलग-थलग करने’ और ‘बेनकाब’ करने को कहा जो आतंकवादियों को प्रश्रय देते हैं, उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं और आतंकवाद को नजरअंदाज करते हैं। भारत ने चीन और पाकिस्तान पर परोक्ष रूप से कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर आतंकवाद को बेलगाम छोड़ दिया गया तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। 

बड़ा खतरा बन सकता है आतंकवाद

कजाखिस्तान की राजधानी अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्र प्रमुखों की परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को रखते हुए जयशंकर ने कहा कि एससीओ का एक मूल लक्ष्य आतंकवाद से लड़ना है। जयशंकर ने सम्मेलन में कहा, ‘‘हममें से कई लोगों के अपने अनुभव हैं, जो अक्सर हमारी सीमाओं से परे सामने आते हैं। यह बात स्पष्ट होनी चाहिए कि अगर आतंकवाद को बेलगाम छोड़ दिया गया तो यह क्षेत्रीय और वैश्विक शांति के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। किसी भी रूप या स्वरूप में आतंकवाद को उचित नहीं ठहराया जा सकता या माफ नहीं किया जा सकता।’’ 

आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को करें बेनकाब

सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हुए। जयशंकर ने पाकिस्तान और उसके सहयोगी चीन के परोक्ष संदर्भ में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ‘‘उन देशों को अलग-थलग करना चाहिए और बेनकाब कर देना चाहिए जो आतंकवादियों को पनाह देते हैं, सुरक्षित पनाहगाह प्रदान करते हैं और आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं।’’ चीन ने अक्सर पाकिस्तान के वांछित आतंकवादियों को काली सूची में डालने के लिए संयुक्त राष्ट्र में प्रस्तुत प्रस्तावों को अवरुद्ध दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘सीमापार आतंकवाद के लिए निर्णायक प्रतिक्रिया चाहिए और आतंकवाद के वित्तपोषण तथा भर्ती से दृढ़ता से निपटना होगा। हमें हमारे नौजवानों के बीच कट्टरता फैलाने के प्रयासों को रोकने के लिए सक्रियता से कदम उठाने चाहिए।’’ 

'पूरी दुनिया एक परिवार है'

जयशंकर ने कहा कि पिछले साल भारत की अध्यक्षता के दौरान इस विषय पर जारी संयुक्त बयान नई दिल्ली की साझा प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। उन्होंने रेखांकित किया कि एससीओ ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ के सदियों पुराने सिद्धांत का पालन करते हुए लोगों को एकजुट करने, सहयोग करने, बढ़ने और समृद्ध होने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है जिसका अर्थ है 'पूरी दुनिया एक परिवार है।' (भाषा)

यह भी पढ़ें:

ऑस्ट्रेलिया की संसद में घुसे फलस्तीन समर्थक, भवन की छत से लहराए बैनर; लिखा...

यूक्रेन में जंग के बीच क्यों हो रही है फूलों की चर्चा, पूरी बात जानकर खिल उठेगा आपका चेहरा

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Asia से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश