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रूस में ठंड का कहर, -67 डिग्री में जम गई लोगों की पलकें

 Edited By: Deepika Negi
 Published : Jan 18, 2018 08:58 am IST,  Updated : Jan 18, 2018 08:58 am IST

अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका समेत दुनिया के कई देशों में लगातार ठंड का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लोग बर्फबारी और ठंड के आगे बेबस हैं और अब इस लिस्ट में रूस का नाम भी जुड़ गया है जहां माइनस 67 डिग्री के टेम्प्रेचर में ज़िंदगी जम गई है।

युकुशिया - India TV Hindi
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अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका समेत दुनिया के कई देशों में लगातार ठंड का कहर बढ़ता ही जा रहा है। लोग बर्फबारी और ठंड के आगे बेबस हैं और अब इस लिस्ट में रूस का नाम भी जुड़ गया है जहां माइनस 67 डिग्री के टेम्प्रेचर में ज़िंदगी जम गई है। रूस से सर्दी के सितम की कई हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं उन्हीं में ये एक तस्वीर ऐसी है जिसे देखकर आप चौंक जाएंगे। इन चेहरों को देखकर आप सोच रहे होंगे कि शायद इन्हें मेकअप से सज़ाया गया है। लेकिन असल में ये कलाकारी है कुदरत की और सितम है सर्दी का जिसके आगे सब कुछ जम गया है। हालात बिल्कुल हिमयुग जैसे हैं। बाल जम चुके हैं। आंखें जम चुकी हैं, चेहरे बर्फ बन गए हैं, पलकें भी सफेद हो गई हैं। (डोकलाम में ड्रैगन की नई चाल, बनाया अपना आर्मी बेस )

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आप अंदाजा लगा सकते हैं कि आसमान से बरस रही आफत किस कदर क़हर ढा रही है लोगों पर। ना ये तस्वीर अमेरिका की हैं ना चीन की। इस बार मौसम ने लोगों को बेबस किया रूस में। रूस का साईबेरिया इन दिनों भीषण बर्फबारी से त्राहिमाम कर रहा हैं, और कुछ इलाक़ों का हाल ऐसा है कि सब कुछ फ्रीज़ हो चुका है। चौंकाने वाली ये तस्वीरें सामने आई है... साईबेरिया के ओइमयाकन गांव से, जहां पारा माइनस 67 डिग्री तक गोता लगा चुका है। या तो घरों में क़ैद हैं और जो बाहर निकले हैं उनका हाल कुछ ऐसा हो गया है। रूस में इंसान ठंड से बेबस है। लोग तस्वीरों को सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं जो बताने के लिए काफी हैं कि हालात कैसे हैं। हालांकि टेम्प्रेचर का ये टॉर्चर जानवरों पर भी हो रहा है। कहां ठंड के चलते नदी में मगरमच्छ बर्फ बन गए.. ये तस्वीर भी आगे हैं आलम ये है कि पारा नापने वाले थर्मामीटर ख़राब हो चुके हैं। माइनस 67 डिग्री की मार झेल रहे साईबेरिया के ओइमयाकन गांव में ज़िंदगी जैसे जम गई है। घरों से निकले लोगों के चेहरों पर बर्फ जम गई है तो जानवरों पर इस बर्फबारी से परेशान हैं।

यहां हालात इतने ज़्यादा ख़राब हैं कि तापमान मापने के लिए लगाए गए कई थर्मामीटर तक टूट गए हैं। आमतौर पर थर्मामीटर माइनस 50 डिग्री तक का पारा रिकॉर्ड कर सकते हैं, लेकिन माइनस 67 डिग्री के पारा ये थर्मामीटर भी नहीं झेल सके हैं। अभी कुछ दिन पहले ओइमयाकन गांव में पारा माइनल 62 डिग्री तक रिकॉर्ड हुआ था इस वक़्त पूरी दुनिया का सबसे सर्द गांव है ओइमयाकन। हिंदुस्तान में जहां पारा 10 डिग्री से नीचे जाने पर ही स्कूल और कॉलेज बंद हो जाते हैं। वहां ओइमयाकन में माइनस 40 डिग्री पारे में भी स्कूल खुले रहते हैं लेकिन माइनस 67 डिग्री के टॉर्चर के बाद स्कूल भी बंद कर दिए गए। और पुलिस की ओर से पैरेंट्स को हिदायत दी गई है कि बच्चों को घरों से बाहर ना निकले दें। सिर्फ़ यकूतिया के ओइमयाकन गांव का ही नहीं बल्कि रूस के कई हिस्सों की तस्वीर इस वक़्त एक जैसी ही है। मैगेडन में भी माइनस 65 का पारा लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ा रहा है..। सब कुछ सफेद चादर में लिपटा हुआ है और ज़िंदगी ठिठुर गई है।

 

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