Thursday, February 19, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. यूरोप
  4. 7.0 मैग्नीट्यूड की तीव्रता वाले भूकंप के बाद फटा ज्वालामुखी, 8 किलोमीटर ऊपर तक फैली राख, अब सूनामी का खतरा

7.0 मैग्नीट्यूड की तीव्रता वाले भूकंप के बाद फटा ज्वालामुखी, 8 किलोमीटर ऊपर तक फैली राख, अब सूनामी का खतरा

Edited By: Shakti Singh Published : Aug 18, 2024 07:31 am IST, Updated : Aug 18, 2024 07:31 am IST

तेज भूकंप के बाद ज्वालामुखी फट गया और इससे निकली राख 8 किलोमीटर ऊपर तक फैल गई है। वहीं, भूकंप के कारण सूनामी की चेतावनी भी दी गई है।

Shiveluch volcano- India TV Hindi
Image Source : X शिवलुच ज्वालामुखी

रूस के पूर्वी तट पर 7.0 तीव्रता के भूकंप के बाद शिवलुच ज्वालामुखी फट गया है और सूनामी का भी खतरा बना हुआ है। समुद्र तल से 8 किलोमीटर ऊपर तक ज्वालामुखी से निकली राख देखी जा सकती है। सीएनएन ने टीएएसएस का हवाला देते हुए बताया कि ज्वालामुखी से लावा का तेजी से निकला है। हालांकि, अब तक भूकंप या ज्वालामुखी से निकले लावा के कारण किसी व्यक्ति को नुकसान नहीं हुआ है। किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है। 

शिवलुच ज्वालामुखी पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से लगभग 280 मील दूर स्थित है, जो एक तटीय शहर है। यहां की आबादी लगभग 181,000 है। यह रूस के कामचटका में स्थित है। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (यूएसजीएस) ने कहा कि भूकंप का केंद्र पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से लगभग 55 मील दूर था। भूकंप का केंद्र जमीन से 30 मील की गहराई पर था।

भूकंप से बड़ा नुकसान नहीं

भूकंप से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि, इमारतों की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि अगर कहीं भी नुकसान हुआ है तो बड़ा हादसा होने से पहले उसे ठीक किया जा सके। इस दौरान सामाजिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है

सूनामी की चेतावनी

रूसी आपातकालीन मंत्रालय ने भूकंप के कारण सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की है। हालांकि, अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली का कहना है कि इस भूकंप से रूस के समुद्र से सटे इलाकों में सूनामी की खतरनाक लहरें आ सकती हैं। चेतावनी में कहा गया है कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर तक सूनामी का खतरा है।  

फर्नीचर गिरे, बर्तन टूटे

भूकंप के कारण क्षेत्र के निवासी अपने घरों से बाहर निकल गए। टीएएसएस ने बताया कि भूकंप के कारण फर्नीचर गिर गए और बर्तन टूट गए। रूसी विज्ञान अकादमी की भूभौतिकीय सेवा की कामचटका शाखा के अनुसार , शनिवार को कामचटका के समय के अनुसार 7:21 बजे (मास्को समयानुसार 22:21 बजे) भूकंप का झटका आया। 

यह भी पढ़ें-

रूसी धरती पर यूक्रेनी कब्जे के बाद मॉस्को में भारतीय राजदूत से मिले पुतिन के सलाहकार, जानें क्या हुई बात 

पहिए का आविष्कार करने से पहले 700 किलोमीटर दूर लाया गया था 30 टन का पत्थर, नई रिसर्च में खुलासा

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Europe से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement