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यूक्रेन में भीषण तबाही देख कांप उठी संयुक्त राष्ट्र की रूह, जानें दौरे के बाद का बयान

 Published : Jan 28, 2023 12:11 pm IST,  Updated : Jan 28, 2023 03:14 pm IST

रूस ने यूक्रेन में कितनी बड़ी तबाही मचाई है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) वहां दौरे पर गई तो भीषण युद्ध का मंजर देख उसकी रूह कांप उठी। यूएनएचसीआर की टीम 6 दिनों के दौरे पर यूक्रेन में तबाही का आकलन करने गई थी।

यूक्रेन में तबाही का मंजर (प्रतीकात्मक)- India TV Hindi
यूक्रेन में तबाही का मंजर (प्रतीकात्मक) Image Source : PTI

UN Agency Saw Huge Devastation in Ukraine: रूस ने यूक्रेन में कितनी बड़ी तबाही मचाई है इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि जब संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी  (यूएनएचसीआर) वहां दौरे पर गई तो भीषण युद्ध का मंजर देख उसकी रूह कांप उठी। यूएनएचसीआर की टीम 6 दिनों के दौरे पर यूक्रेन में तबाही का आकलन करने गई थी। यूक्रेन में तबाही की तस्वीरों ने एजेंसी के सदस्यों की आंखों में आंसू ला दिया। सभी ने देखा कि कैसे एक खूबसूरत शहर को रूस ने श्मशान बना दिया है और किस तरह सिर पर नाचती मौतों के बीच लोग जिंदगी जीने को मजबूर हैं।

यूक्रेन की छह दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद यूएनएचसीआर के प्रमुख फिलिपो ग्रांडी ने कहा कि युद्धग्रस्त देश (यूक्रेन) में उन्होंने जिस स्तर की तबाही देखी है, उससे वह स्तब्ध हैं। संयुक्त राष्ट्र एजेंसी द्वारा शुक्रवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि अपनी यात्रा के दौरान ग्रैंडी ने देश के दक्षिण और पूर्व की यात्रा की। उन्होंने सात क्षेत्रीय प्रशासनों के प्रमुखों, कई महापौरों और ओडेसा, मायकोलाइव, जापोरिज्जि़या, निप्रो, खेरसोन, सोलेडार व और कीव में युद्ध प्रभावित नागरिकों से मुलाकात की।

राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिला दल

यूएनएचसीआर का दल राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की, उप प्रधान मंत्री ऑलेक्जेंडर कुब्राकोव और विदेश मंत्री डमित्रो कुलेबा से भी मिला। ग्रैंडी ने शुक्रवार को अपनी यात्रा के समापन के दौरान कहा कि रूसी मिसाइलों और गोलाबारी के परिणामस्वरूप मैंने जो विनाश देखा, उससे मैं स्तब्ध हूं। उन्होंने कहा, बिजली संयंत्रों, जल प्रणालियों, किंडरगार्टन और इमारतों जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को पूरी तरह क्षतिग्रस्त या नष्ट कर दिया गया है। बच्चों और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं या अपने घरों से भाग गए हैं। इन हमलों से उनका पूरा जीवन उजड़ गया है।

यूक्रेन को तत्काल मदद की जरूरत

ग्रांडी ने क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत और पुनर्निर्माण में लगे यूक्रेनी अधिकारियों और नागरिकों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा, जब इमारतें नष्ट हो गई हैं, यूक्रेनी लोगों की भावना अखंड है। मैं उनकी ताकत और लचीलापन से बहुत प्रेरित हूं। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय का उनका समर्थन करना चाहिए। यूएनएचसीआर प्रमुख ने कहा, मैं राज्यों, अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और अन्य लोगों से इस कार्य में और शीघ्रता से योगदान करने का आह्वान करता हूं। यूक्रेन के लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने की जरूरत है। मुझे आशा है कि दानदाता इसे जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि यूएनएचसीआर अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ, रूस से यूक्रेनी बच्चों तक अतिरिक्त पहुंच की मांग करेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि, संघर्ष की स्थिति में, बच्चों को औपचारिक रूप से गोद लेने के लिए राष्ट्रीयता देना और रास्ते खोलना अंतरराष्ट्रीय मानदंडों और प्रथाओं का उल्लंघन है।

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