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पुतिन से मुलाकात को लेकर ट्रंप का बड़ा बयान, कहा, "ये मेरा युद्ध नहीं है, ये जो बाइडेन का युद्ध है"

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : Aug 11, 2025 11:32 pm IST,  Updated : Aug 11, 2025 11:32 pm IST

पुतिन से मुलाकात को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वे पुतिन से बात करने के लिए जा रहे हैं और उनसे कहेंगे कि आपको यह युद्ध खत्म करना होगा।

Donald Trump- India TV Hindi
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप Image Source : AP/PTI

वाशिंगटन: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने कहा, "अगर मैं राष्ट्रपति होता तो यह युद्ध नहीं होता। यह जो बाइडेन का युद्ध है। यह मेरा युद्ध नहीं है, इसलिए मैं व्लादिमीर पुतिन से बात करने जा रहा हूं और मैं उनसे कहूंगा कि आपको यह युद्ध खत्म करना होगा और वह मुझसे पंगा नहीं लेंगे।"

ट्रंप ने कहा, "लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत सम्मानजनक है कि रूस के राष्ट्रपति हमारे देश आ रहे हैं, बजाय इसके कि हम उनके देश या किसी तीसरे पक्ष के यहां जाएं, लेकिन मुझे लगता है कि हमारी बातचीत रचनात्मक होगी। अगली मुलाकात ज़ेलेंस्की और पुतिन या ज़ेलेंस्की और पुतिन और मेरे साथ होगी। अगर उन्हें मेरी ज़रूरत होगी तो मैं वहां मौजूद रहूंगा, लेकिन मैं दोनों नेताओं के बीच एक बैठक तय करना चाहता हूं।"

क्या अमेरिका और रूस के बीच सामान्य व्यापार हो सकेगा?

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें ऐसा समय दिखाई देता है जब अमेरिका और रूस के बीच सामान्य व्यापार हो सकेगा, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, "हां, मुझे ऐसा लगता है। रूस के पास जमीन का एक बहुत ही कीमती टुकड़ा है। अगर व्लादिमीर पुतिन युद्ध की बजाय व्यापार की ओर रुख करते, तो आप जानते ही हैं कि यह एक युद्धरत राष्ट्र है। वे यही करते हैं। वे कई युद्ध लड़ते हैं। मेरे एक दोस्त ने कहा कि रूस इसलिए मज़बूत है क्योंकि वे बस लड़ते रहते हैं। उन्होंने हिटलर को हराया था। हमने भी..." 

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप उस वक्त चर्चा में आए थे, जब उन्होंने व्हाइट हाउस में अज़रबैजान और आर्मीनिया के बीच शांति समझौता कराया था। व्हाइट हाउस में एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर ट्रंप की मौजूदगी में अज़रबैजान और आर्मीनिया के नेताओं ने हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते से दक्षिण कॉकस क्षेत्र में चार दशकों से चला आ रहा संघर्ष खत्म हो गया था।

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