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बिहार के सरकारी टीचरों को पीएम और सीएम तक का नाम नहीं पता, कैमरे पर फिर खुली पोल

 Edited By: Swayam Prakash
 Published : Oct 01, 2023 09:46 pm IST,  Updated : Oct 01, 2023 09:46 pm IST

बिहार के सीतामढ़ी से राज्य की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलता एक मामला सामने आया है। यहां बथनाहा प्रखंड के एक राजकीय मध्य विद्यालय के टीचरों को अपने राज्य के मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं पता। हद तो तब हो गई जब ये टीचर प्रधानमंत्री तक का नाम नहीं बता पाईं।

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बिहार के सीतामढ़ी में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल Image Source : VIDEO GRAB

सीतामढ़ी: बिहार की शिक्षा व्यवस्था कितनी दुरुस्त है, ये बताने के लिए कहीं बाहर से उदाहरण नहीं चाहिए होते हैं। क्योंकि अपनी शिक्षा व्यवस्था को हर बार एक नई निचाई पर ले जाने वाले उदाहरण यहां से अपने आप ही समय समय पर आते रहते हैं। बिहार की लचर शिक्षा व्यवस्था का एक और सबूत सामने आया है। दरअसल, बच्चों का भविष्य संवारने का जिम्मा जिस शिक्षक के ऊपर है, उसे खुद बिहार के मुख्यमंत्री का नाम तक पता नहीं है। बिहार के इन सरकारी शिक्षकों का हाल ये है कि मैडम को अपने शिक्षा मंत्री और राज्य के उपमुख्यमंत्री तक का नाम नहीं मालूम है। ऐसे में वह शिक्षिका बच्चों को क्या ज्ञान देंगी? 

60 हजार पा रहीं वेतन, सीएम को लिख रहीं 'नितेश'

दरअसल, पूरा मामला सीतामढ़ी जिले के बथनाहा प्रखंड के दोस्तपुर खैड़वी राजकीय मध्य विद्यालय का है। यहां तैनात शिक्षिका को बिहार के मुख्यमंत्री तक का नाम नहीं पता है। कुछ देर बाद जैसे-तैसे शिक्षिका को मुख्यमंत्री का नाम याद भी आता है तो वह सही तरीके से सीएम का नाम ब्लैक बोर्ड पर लिख नहीं पाती हैं। मैडम नीतीश कुमार को 'नितेश कुमार' लिख देती हैं। एक ओर जहां बिहार की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए केके पाठक ऐड़ी छोटी का जोड़ लगाए हुए हैं, वहीं महीने का 60 हजार रुपये वेतन पाने वाली शिक्षिका को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का नाम तक नहीं पता। ऐसे में बिहार के बच्चों का भविष्य क्या होगा, इसका अंदाजा साफ लगाया जा सकता है। 

शिक्षा पदाधिकारी ने दिया जांच का आश्वासन
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मीडियाकर्मी स्कूल पहुंचे और क्लास रूम में पढ़ा रही मैडम से बिहार के मुख्यमंत्री के बारे में पूछ दिया। फिर मैडम बगलें झांकने लगीं। कुछ देर बाद जब मैडम से उपमुख्यमंत्री का नाम पूछा गया तो शिक्षिका उपमुख्यमंत्री का नाम भी नहीं बता सकीं। स्कूल में पढ़ा रही एक एक शिक्षिका को अपने विभाग के शिक्षा मंत्री तक का भी नाम नहीं पता था। इस मामले में जब जिला शिक्षा पदाधिकारी से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। मामला संज्ञान में आया है पूरे मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई की जाएगी। 

(रिपोर्ट- सौरभ, सीतामढ़ी) 

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