नई दिल्ली | दिल्ली में 9 और 10 जनवरी 2026 को अभिनंदन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी और दिल्ली पुलिस के सहयोग से बाल भिक्षावृत्ति और बाल श्रम को समाप्त करने हेतु एक सामाजिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य लोगों को यह समझाना था कि बच्चों को भीख देने के बजाय उन्हें शिक्षा की ओर बढ़ाना ही सही समाधान है। जागरूकता कार्यक्रम अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, DCP कुशल पाल सिंह एवं मेट्रो यूनिट की देखरेख में किया गया।
इन जगहों पर चला जागरुकता अभियान
यह कार्यक्रम दिल्ली मेट्रो के पांच प्रमुख स्टेशनों पर आयोजित किया गया ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुंच सके। 9 जनवरी को यह गतिविधियां नेताजी सुभाष प्लेस और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर हुईं। 10 जनवरी को कार्यक्रम नेहरू प्लेस, राजीव चौक और सीलमपुर मेट्रो स्टेशन पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक, पोस्टर और विज़ुअल संदेशों के माध्यम से यह बताया गया कि बच्चों को पैसा देना अनजाने में बाल भिक्षावृत्ति, बाल श्रम और शोषण को बढ़ावा देता है। “भीख नहीं, शिक्षा दें” और “कटोरा नहीं, किताब थमाएँ” जैसे संदेशों के माध्यम से यात्रियों को जिम्मेदारी से सोचने और दीर्घकालिक समाधान के रूप में शिक्षा को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

दिल्ली पुलिस ने किया इस पहल का समर्थन
इस कार्यक्रम में निज़ामुद्दीन स्थित शेल्टर होम से 17 बच्चों ने सक्रिय रूप से भाग लिया, जो अभिनंदन के बाल शिक्षा कार्यक्रम ‘AbhiKIDs’ का हिस्सा हैं। उनकी भागीदारी ने इस अभियान को भावनात्मक और प्रभावशाली बनाया तथा शिक्षा, गरिमा और बाल अधिकारों के महत्व को मजबूती से प्रस्तुत किया।
दिल्ली पुलिस ने इस पहल को पूर्ण समर्थन दिया और बच्चों को प्रोत्साहित किया, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि समाज को बाल-अनुकूल और सुरक्षित बनाने में सभी की भूमिका अहम है। अभिनंदन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी और दिल्ली पुलिस एक सुरक्षित, समावेशी और बाल-हितैषी समाज के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं, जहाँ हर बच्चे को सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।