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Delhi: प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर से लोगों को मिलेगी ट्रैफिक से छुट्टी, 15 मिनट कम लगेगा समय

 Published : Jun 19, 2022 10:08 pm IST,  Updated : Jun 19, 2022 10:08 pm IST

Delhi: दिल्ली के प्रगति मैदान क्षेत्र में रविवार को इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर शुरू हुआ है। यह आईटीओ और उसके आसपास के इलाकों में जाम से लोगों को निजात दिलाएगा।

The main tunnel of the Pragati Maidan Integrated Transit...- India TV Hindi
The main tunnel of the Pragati Maidan Integrated Transit Corridor, new delhi Image Source : PTI

Highlights

  • परियोजना, 920 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाई गई
  • परियोजना को दिल्ली सरकार के PWD द्वारा क्रियान्वित किया गया
  • कोरोना महामारी में लॉकडाउन के चलते बनने में हुई देरी

Delhi: देश की राजधानी स्थित प्रगति मैदान क्षेत्र में रविवार को पहली सड़क सुरंग और इसके पांच अंडरपास शुरू हुए हैं। यह आईटीओ और उसके आसपास के इलाकों में जाम से लोगों को निजात दिलाएंगे। पीएम नरेन्द्र मोदी ने प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर का आज उद्घाटन किया। इस ट्रांजिट कॉरिडोर में 1.3 किलोमीटर लंबी सुरंग और पांच अंडरपास शामिल हैं। इसका निर्माण चार साल में हुआ है। PWD के अधिकारियों के अनुसार, इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर पूर्वी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद से इंडिया गेट तक, वहीं मध्य दिल्ली के अन्य क्षेत्रों की ओर यात्रा करने वालों को आईटीओ, मथुरा रोड और भैरों मार्ग पर यातायात जाम की समस्या से मुक्ति दिलाएगा। 

सुरंग के बनने से लोगों को मिलेगी जाम से छुट्टी

PWD के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘पहले उन्हें मध्य दिल्ली के इलाकों की ओर जाते समय आईटीओ और भैरों मार्ग पर जाम की समस्या का सामना करना पड़ता था। अब सुरंग के बन जाने से ऐसा नहीं होगा।’’ सुरंग को बनाने का काम मार्च 2018 में शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2019 तक पूरा किया जाना था। निर्माण कार्य में आ रहीं कुछ दिक्कतों की वजह से इसकी समय सीमा को जून 2020 तक बढ़ा दिया गया था। कोरोना में लगे लॉकडाउन के कारण पहले इसे दिसंबर 2020 तक और फिर मार्च 2022 तक बढ़ा दिया गया।

केंद्र सरकार द्वारा वित्त-पोषित है इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर

अधिकारियों ने कहा कि लॉकडाउन और शहर में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के कारण निर्माण कार्य पर रोक की वजह से देरी हुई। PMO के एक बयान के मुताबिक प्रगति मैदान इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना 920 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाई गई है। यह पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा वित्त-पोषित है। इस परियोजना को दिल्ली सरकार के PWD  द्वारा क्रियान्वित किया गया था। PWD  के अधिकारियों ने कहा कि सुरंग के अंदर एक सार्वजनिक घोषणा के सिस्टम की सुविधा दी गयी है। यह डिजिटल नियंत्रण कक्ष जैसी नयी तकनीकों से भी लैस है। 

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