केंद्र सरकार ने देश की 21 यूनिवर्सिटीज के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है। कुछ माह पहले यूजीसी ने इन 21 यूनिवर्सिटीज की पोल खोलकर फेक यूनिवर्सिटी करार दिया था। अब केंद्र सरकार ने इस मुद्दे को देश की संसद के सामने रखा और सभी 21 “फेक यूनिवर्सिटीज” की लिस्ट शेयर की। साथ ही संबंधित राज्य सरकारों से उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को कहा है। इन 21 “फेक यूनिवर्सिटीज” में से अधिकतम 8 दिल्ली में चल रहे हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में इस लिस्ट की घोषणा की। फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की वेबसाइट www.ugc.gov.in/universitydetails/Fakeuniversity पर उपलब्ध है। बता दें कि मंत्रालय इन संस्थानों को स्वयं को 'यूनिवर्सिटी' के रूप में गलत तरीके से पेश करके छात्रों के साथ धोखाधड़ी करने से रोकने के लिए कदम उठा रहा है।
IANS ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आम जनता, छात्रों, अभिभावकों और अन्य हितधारकों को सावधान करने के लिए सोशल मीडिया और यूजीसी वेबसाइट के माध्यम से सामान्य जागरूकता के लिए सार्वजनिक नोटिस जारी करने के अलावा, यूजीसी/सरकार द्वारा ऐसे 'फेक यूनिवर्सिटीज' के खिलाफ अन्य कदम भी उठाए गए हैं।
इसके अलावा, शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने संसद में जानकारी देते हुए कहा कि 2023-24 की तुलना में 2024-25 में उच्च शिक्षा विभाग के बजट अलॉटमेंट में कुल मिलाकर 2875.29 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। 2024-25 में विभाग का कुल बजट 47,619.77 करोड़ रुपये था, जबकि 2023-24 में यह 44,744.48 करोड़ रुपये था।
राजस्थान में उच्च शिक्षा संस्थानों पर सार्वजनिक खर्चे से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि फाइनेंशियल 2024-25 में 30 नवंबर 2024 तक राजस्थान में 3 केंद्रीय वित्तपोषित उच्च शिक्षा संस्थानों आईआईटी जोधपुर, मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी जयपुर और राजस्थान सेंट्रल यूनिवर्सिटीज को कुल 556.86 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अलावा, राजस्थान में आईआईएम उदयपुर और आईआईआईटी कोटा की स्थापना के लिए 535.99 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
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