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Fact Check: बीएसएफ आईजी का फेक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, जानें क्या है हकीकत?

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Dec 05, 2025 01:40 pm IST,  Updated : Dec 05, 2025 01:40 pm IST

वायरल वीडियो में बीएसएफ आईजी यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि आतंकवाद के खिलाफ पैरा ट्रूप का ऑपरेशन फेल हो गया है। हालांकि, यह वीडियो फेक है और इसे एडिट करके बनाया गया है।

Screenshot- India TV Hindi
वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट Image Source : X/SCREENGRAB

सोशल मीडिया पर बीएसएफ आई अशोक यादव का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अशोक यादव यह कहते नजर आ रहे हैं कि आतंकवादियों के खिलाफ पैरा ट्रूप का ऑपरेशन फेल हो गया है। वह ऑपरेशन की विफलता स्वीकार करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, जांच में सामने आया है कि यह वीडियो पूरी तरह से फेक है। असली वीडियो में छेड़छाड़ कर इसे बनाया गया है और पूरी तरह से गलत दावे के साथ इसे शेयर किया जा रहा है।

क्या है दावा?

एक X हैंडल ने 1 दिसंबर को बीएसएफ कश्मीर फ्रंटियर आईजी अशोक यादव का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह आतंकवाद के खिलाफ अपनी सेना की नाकामी पर बात करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में मीडिया से बात करते हुए बीएसएफ अधिकारी ने कथित तौर पर दावा किया कि 2025 में कोई भी आतंकवादी नहीं मारा गया।  इसके साथ ही यह भी कहा कि 100-120 टेररिस्ट लाइन ऑफ कंट्रोल पार कर चुके हैं और शायद पहले से ही भारतीय इलाके में पहुंच चुके हैं। इस वीडियो में वह अपनी नाकामी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार ने प्रोक्योरमेंट बजट और फंड देने से मना कर दिया था। इस वजह से सेना आतंकवादियों पर काबू पाने में नाकाम रही है।

जांच में क्या मिला?

जांच के दौरान पता चला कि यह वीडियो एक दिसंबर को कई मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित हुआ था। हालांकि,वहां पर उन्होंने ऐसी कोई बात नहीं कही थी, जो वायरल वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा था कि बीएसएफ सभी 69 लॉन्चिंग पैड की निगरानी कर रही है और 100 से 120 आतंकी घुसपैठ की तैयारी में हैं। इसी वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सेना और अन्य सुरक्षाबलों के साथ ऑपरेशन में उन्होंने अहम सफलता हासिल की है। उन्होंने इस दौरान आतंकियों के अंदर घुसने या एंटी टेरर ऑपरेशन फेल होने का जिक्र नहीं किया। एआई टूल से जांच करने पर पता चला कि असली वीडियो की आवाज से छेड़छाड़ की गई थी और आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस की मदद से इसे बनाया गया।

फैक्ट चेक का नतीजा

वायरल वीडियो की आवाज फेक है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बनाया गया है। इसके साथ किया जा रहा दावा पूरी तरह से गलत है। बीएसएफ के डीजीपी ने अपने बयान में कहा था कि आतंकी घुसपैठ की तैयारी में हैं, लेकिन बीएसएफ पूरी निगरानी रख रही है। वहीं, भारतीय सेना के साथ मिलकर उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ अभियानों के सफल होने की बात कही। (इनपुट- पीटीआई)

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