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इन पोषक तत्वों की कमी से हड्डियां हो जाती हैं कमजोर, डाइट में ज़रूर करें इन्हें शामिल

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Jun 30, 2025 07:22 am IST,  Updated : Jun 30, 2025 07:22 am IST
हम में से ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि मज़बूत हड्डियों का मतलब बस ढेर सारा दूध पीना, धूप लेना या कैल्शियम की गोली खाना है। लेकिन, सच्चाई इससे कहीं ज़्यादा गहरी है। हमारी हड्डियाँ एक जटिल संरचना हैं जिन्हें मज़बूत और स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ़ एक नहीं, बल्कि कई पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। आइए जानते हैं, वे कौन से पोषक तत्व हैं जिनकी हड्डियों को वाकई ज़रूरत होती है, ताकि वे सिर्फ़ मज़बूत ही न बनें, बल्कि जीवन भर अपनी ताक़त बनाए रखें:
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हम में से ज़्यादातर लोग सोचते हैं कि मज़बूत हड्डियों का मतलब बस ढेर सारा दूध पीना, धूप लेना या कैल्शियम की गोली खाना है। लेकिन, सच्चाई इससे कहीं ज़्यादा गहरी है। हमारी हड्डियाँ एक जटिल संरचना हैं जिन्हें मज़बूत और स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ़ एक नहीं, बल्कि कई पोषक तत्वों की ज़रूरत होती है। आइए जानते हैं, वे कौन से पोषक तत्व हैं जिनकी हड्डियों को वाकई ज़रूरत होती है, ताकि वे सिर्फ़ मज़बूत ही न बनें, बल्कि जीवन भर अपनी ताक़त बनाए रखें:
कैल्शियम: हम सभी जानते हैं कि हड्डियों के लिए कैल्शियम कितना ज़रूरी है। हमारी हड्डियों में लगभग 99% कैल्शियम जमा होता है। लेकिन ऐसा सोचना कि बस बहुत सारा दूध पी लो और सब ठीक हो जाएगा, सही नहीं है। दूध के अलावा तिल, रागी और पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ कैल्शियम के बहुत अच्छे और आसानी से पचने वाले स्रोत हैं।
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कैल्शियम: हम सभी जानते हैं कि हड्डियों के लिए कैल्शियम कितना ज़रूरी है। हमारी हड्डियों में लगभग 99% कैल्शियम जमा होता है। लेकिन ऐसा सोचना कि बस बहुत सारा दूध पी लो और सब ठीक हो जाएगा, सही नहीं है। दूध के अलावा तिल, रागी और पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ कैल्शियम के बहुत अच्छे और आसानी से पचने वाले स्रोत हैं।
विटामिन डी: विटामिन डी सिर्फ़ कैल्शियम को सोखने में ही मदद नहीं करता, बल्कि उसे "एक्टिव" भी करता है। अगर शरीर में विटामिन डी कम हो, तो कैल्शियम का पूरा फ़ायदा नहीं मिलता और हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। अंडे, कॉड लिवर ऑयल और कुछ ख़ास तरह के मशरूम (जिन्हें धूप में रखकर फोर्टिफ़ाई किया जाता है) विटामिन डी के अच्छे स्रोत हैं। पर कई लोगों को डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेने की भी ज़रूरत पड़ सकती है।
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विटामिन डी: विटामिन डी सिर्फ़ कैल्शियम को सोखने में ही मदद नहीं करता, बल्कि उसे "एक्टिव" भी करता है। अगर शरीर में विटामिन डी कम हो, तो कैल्शियम का पूरा फ़ायदा नहीं मिलता और हड्डियाँ कमज़ोर होने लगती हैं, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। अंडे, कॉड लिवर ऑयल और कुछ ख़ास तरह के मशरूम (जिन्हें धूप में रखकर फोर्टिफ़ाई किया जाता है) विटामिन डी के अच्छे स्रोत हैं। पर कई लोगों को डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट्स लेने की भी ज़रूरत पड़ सकती है।
कोलेजन: अगर आपको लगता है कि हड्डियाँ सिर्फ़ खनिजों से बनी हैं, तो ये ग़लत है। हड्डियाँ खनिजों और ऊतकों से मिलकर बनती हैं। और उस ऊतक का सबसे ज़रूरी हिस्सा है कोलेजन। कोलेजन ही हड्डियों को लचीलापन देता है, जिससे वे आसानी से टूटती नहीं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है या हमें ज़्यादा तनाव होता है, शरीर में कोलेजन का बनना कम हो जाता है, जिससे हड्डियाँ कमज़ोर हो सकती हैं। विटामिन सी शरीर में कोलेजन बनाने में अहम भूमिका निभाता है। आंवला, संतरे जैसे खट्टे फल कोलेजन को बढ़ावा देने वाले अच्छे खाद्य पदार्थ हैं।
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कोलेजन: अगर आपको लगता है कि हड्डियाँ सिर्फ़ खनिजों से बनी हैं, तो ये ग़लत है। हड्डियाँ खनिजों और ऊतकों से मिलकर बनती हैं। और उस ऊतक का सबसे ज़रूरी हिस्सा है कोलेजन। कोलेजन ही हड्डियों को लचीलापन देता है, जिससे वे आसानी से टूटती नहीं। जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है या हमें ज़्यादा तनाव होता है, शरीर में कोलेजन का बनना कम हो जाता है, जिससे हड्डियाँ कमज़ोर हो सकती हैं। विटामिन सी शरीर में कोलेजन बनाने में अहम भूमिका निभाता है। आंवला, संतरे जैसे खट्टे फल कोलेजन को बढ़ावा देने वाले अच्छे खाद्य पदार्थ हैं।
मैग्नीशियम: अक्सर लोग सोचते हैं कि मैग्नीशियम सिर्फ़ मांसपेशियों या शरीर को ऊर्जा देने के लिए है, हड्डियों के लिए नहीं। पर ये ग़लत है! हमारे शरीर का लगभग 60% मैग्नीशियम हड्डियों में ही जमा होता है। मैग्नीशियम कैल्शियम को सही जगह पहुँचाने और उसका इस्तेमाल करने में मदद करता है। अगर शरीर में मैग्नीशियम कम हो, तो कैल्शियम पर्याप्त होने पर भी हड्डियाँ कमज़ोर हो सकती हैं। ये कैल्शियम को जोड़ों या किडनी जैसी ग़लत जगहों पर जमा होने से भी रोकता है। बादाम जैसे मेवे, कद्दू जैसे बीज और ब्राउन राइस मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं जो रोज़ाना आपकी हड्डियों को पोषण दे सकते हैं।
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मैग्नीशियम: अक्सर लोग सोचते हैं कि मैग्नीशियम सिर्फ़ मांसपेशियों या शरीर को ऊर्जा देने के लिए है, हड्डियों के लिए नहीं। पर ये ग़लत है! हमारे शरीर का लगभग 60% मैग्नीशियम हड्डियों में ही जमा होता है। मैग्नीशियम कैल्शियम को सही जगह पहुँचाने और उसका इस्तेमाल करने में मदद करता है। अगर शरीर में मैग्नीशियम कम हो, तो कैल्शियम पर्याप्त होने पर भी हड्डियाँ कमज़ोर हो सकती हैं। ये कैल्शियम को जोड़ों या किडनी जैसी ग़लत जगहों पर जमा होने से भी रोकता है। बादाम जैसे मेवे, कद्दू जैसे बीज और ब्राउन राइस मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं जो रोज़ाना आपकी हड्डियों को पोषण दे सकते हैं।
विटामिन K2: ज़्यादातर लोग विटामिन K को सिर्फ़ खून का थक्का जमने से जोड़ते हैं, पर विटामिन K2 की भूमिका हड्डियों के लिए बहुत ख़ास है। विटामिन K2 खून से कैल्शियम को सीधे हड्डियों में ले जाने में मदद करता है। इससे नसें साफ़ रहती हैं और हड्डियाँ मज़बूत बनी रहती हैं। ये एक ख़ास प्रोटीन (ऑस्टियोकैल्सिन) को एक्टिवेट करता है, जो कैल्शियम को हड्डियों के अंदरूनी हिस्से में बाँधने में मदद करता है। अगर K2 कम हो, तो कैल्शियम शरीर में बेतरतीब ढंग से कहीं भी घूम सकता है।
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विटामिन K2: ज़्यादातर लोग विटामिन K को सिर्फ़ खून का थक्का जमने से जोड़ते हैं, पर विटामिन K2 की भूमिका हड्डियों के लिए बहुत ख़ास है। विटामिन K2 खून से कैल्शियम को सीधे हड्डियों में ले जाने में मदद करता है। इससे नसें साफ़ रहती हैं और हड्डियाँ मज़बूत बनी रहती हैं। ये एक ख़ास प्रोटीन (ऑस्टियोकैल्सिन) को एक्टिवेट करता है, जो कैल्शियम को हड्डियों के अंदरूनी हिस्से में बाँधने में मदद करता है। अगर K2 कम हो, तो कैल्शियम शरीर में बेतरतीब ढंग से कहीं भी घूम सकता है।
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