Friday, January 16, 2026
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डायबिटीज कंट्रोल करने में आटे का चोकर है बेहद फायदेमंद, अपने मोटे कणों से सोख लेता है शरीर में जमा शुगर

Poonam Yadav Written By: Poonam Yadav @R154Poonam Published : Jan 18, 2025 06:30 am IST, Updated : Jan 18, 2025 06:30 am IST
  • शुगर की बीमारी देश दुनिया में तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी बीमारी है जो लाइलाज है। ऐसे में आप इसे केवल कंट्रोल कर सकते हैं। बता दें इसे कंट्रोल करने के लिए आपको डाइट बेहतर करनी होगी। डाइट में अगर आप महीन आटे की रोटियां खाते हैं तो इससे आपका शुगर लेवल बढ़ सकता है। लेकिन अगर आप आटे के चोकर का सेवन करते हैं तो इससे शुगर लेवल कम हो सकता है। चलिए जानते हैं डायबिटीज में यह कैसे फायदेमंद है और चोकर का सेवन कैसे करें?
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    शुगर की बीमारी देश दुनिया में तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी बीमारी है जो लाइलाज है। ऐसे में आप इसे केवल कंट्रोल कर सकते हैं। बता दें इसे कंट्रोल करने के लिए आपको डाइट बेहतर करनी होगी। डाइट में अगर आप महीन आटे की रोटियां खाते हैं तो इससे आपका शुगर लेवल बढ़ सकता है। लेकिन अगर आप आटे के चोकर का सेवन करते हैं तो इससे शुगर लेवल कम हो सकता है। चलिए जानते हैं डायबिटीज में यह कैसे फायदेमंद है और चोकर का सेवन कैसे करें?
  • गेंहू के आटे में फाइबर कम होता है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपके खाने में फाइबर कम होने से शुगर लेवल और तेजी से बढ़ता है और मेटाबोलिज्म स्लो हो जाता है। इसलिए, मधुमेह की स्थिति में आटा नहीं, खाना चाहिए। इसके बदले आपको इससे निकलने वाले चोकर का सेवन करना चाहिए। चोकर का सेवन क्यों करना चाहिए चलिए जानते हैं।
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    गेंहू के आटे में फाइबर कम होता है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो आपके खाने में फाइबर कम होने से शुगर लेवल और तेजी से बढ़ता है और मेटाबोलिज्म स्लो हो जाता है। इसलिए, मधुमेह की स्थिति में आटा नहीं, खाना चाहिए। इसके बदले आपको इससे निकलने वाले चोकर का सेवन करना चाहिए। चोकर का सेवन क्यों करना चाहिए चलिए जानते हैं।
  • चोकर का दरदरापन शुगर मेटाबोलिज्म को तेज करता है और इसके स्पाइक को रोकता है। इसका फाइबर शुगर सोखने में मददगार है और पेट का मेटाबोलिक रेट बढ़ाता है। इससे होता ये है कि खाने से निकलने वाला शुगर अपने आप पच जाता है। चोकर का आटा इंसुलिन प्रोडक्शन में मददगार है। ये शरीर में इंसुलिन हार्मोन को तेज करने के साथ, इसके प्रोडक्शन को बढ़ाता है।
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    चोकर का दरदरापन शुगर मेटाबोलिज्म को तेज करता है और इसके स्पाइक को रोकता है। इसका फाइबर शुगर सोखने में मददगार है और पेट का मेटाबोलिक रेट बढ़ाता है। इससे होता ये है कि खाने से निकलने वाला शुगर अपने आप पच जाता है। चोकर का आटा इंसुलिन प्रोडक्शन में मददगार है। ये शरीर में इंसुलिन हार्मोन को तेज करने के साथ, इसके प्रोडक्शन को बढ़ाता है।
  • ये इंसुलिन खून में शुगर को मिलने से रोकता है और डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार है। चोकर शुगर स्पाइक को रोकता है और फास्टिंग शुगर को बढ़ने नहीं देता।  इसके अलावा ये शुगर में कब्ज की समस्या को दूर करता है क्योंकि ये बॉवेल मूवमेंट को तेज करता है, आंतों की गति बढ़ाता है जिससे, शुगर मैनेज करने में मदद मिलती है।
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    ये इंसुलिन खून में शुगर को मिलने से रोकता है और डायबिटीज कंट्रोल करने में मददगार है। चोकर शुगर स्पाइक को रोकता है और फास्टिंग शुगर को बढ़ने नहीं देता। इसके अलावा ये शुगर में कब्ज की समस्या को दूर करता है क्योंकि ये बॉवेल मूवमेंट को तेज करता है, आंतों की गति बढ़ाता है जिससे, शुगर मैनेज करने में मदद मिलती है।
  • डायबिटीज में चोकर खाने के लिए पहले, आटे से चोकर निकाल कर रख लें। या फिर ज्यादा चोकर वाला आटा ही खरीद दें। 1 कप आटा लें तो 2 कप चोकर मिलाएं। फिर इससे आप रोटी बनाएं या थेपला, सेहत के लिए सब फायदेमंद होगा। तो, इन तमाम कारणों से आपको डायबिटीज में आटे के चोकर का सेवन करना चाहिए।
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    डायबिटीज में चोकर खाने के लिए पहले, आटे से चोकर निकाल कर रख लें। या फिर ज्यादा चोकर वाला आटा ही खरीद दें। 1 कप आटा लें तो 2 कप चोकर मिलाएं। फिर इससे आप रोटी बनाएं या थेपला, सेहत के लिए सब फायदेमंद होगा। तो, इन तमाम कारणों से आपको डायबिटीज में आटे के चोकर का सेवन करना चाहिए।