Friday, January 16, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अन्य देश
  4. बांग्लादेश में 'हिंदुओं के साथ हिंसा' पर ब्रिटेन ने लगाई यूनुस को कड़ी फटकार, भरोसेमंद चुनाव कराने का किया आह्वान

बांग्लादेश में 'हिंदुओं के साथ हिंसा' पर ब्रिटेन ने लगाई यूनुस को कड़ी फटकार, भरोसेमंद चुनाव कराने का किया आह्वान

बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर ब्रिटेन ने सख्त रुख अपनाया है। ब्रिटेन ने हिंदुओं की हत्याओं और उनके घर जलाए जाने पर यूनुस सरकार की सख्त निंदा की है।

Edited By: Dharmendra Kumar Mishra @dharmendramedia
Published : Jan 16, 2026 03:48 pm IST, Updated : Jan 16, 2026 03:48 pm IST
ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर (बाएं) और बांग्लादेश के कार्यवाहक मो. यूनुस (दाएं)- India TV Hindi
Image Source : AP ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर (बाएं) और बांग्लादेश के कार्यवाहक मो. यूनुस (दाएं)

लंदन: बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के साथ लगातार हो रही हिंसा को लेकर ब्रिटेन सरकार ने ढाका को कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही यूके ने बांग्लादेश में इस तरह के “सभी हिंसक कृत्यों” की सख्त निंदा की है। इसके साथ ही बांग्लादेश में शांतिपूर्ण तथा विश्वसनीय चुनाव कराये जाने की मांग की है। 

यूके के हाउस ऑफ कॉमन्स में उठा मुद्दा

ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की हत्याओं के मुद्दे को जोरदार तरीके से कुछ सदस्यों द्वारा उठाया गया।  विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद बॉब ब्लैकमैन ने लेबर सरकार से अल्पसंख्यकों की रक्षा करने और फरवरी में निर्धारित चुनावों को “स्वतंत्र और निष्पक्ष” सुनिश्चित करने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। यह संसदीय बयान गुरुवार को दिया गया।  

बांग्लादेश में हिंदुओं को जलाये जाने की घटना से आहत यूके सांसद

ब्रिटिश हिंदुओं के लिए ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) के अध्यक्ष ब्लैकमैन ने यूके के सांसदों को बताया कि वह “हिंदुओं की हत्या और उनके मंदिरों को जलाए जाने” वाली “विनाशकारी स्थिति” से “भयभीत” हैं।  उन्होंने कहा, “हिंदू पुरुषों की सड़कों पर हत्या की जा रही है, उनके घर जलाए जा रहे हैं, मंदिर जलाए जा रहे हैं, और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक भी इसी तरह की स्थिति का सामना कर रहे हैं।”  “अगले महीने तथाकथित स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव होने वाले हैं। बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी अवामी लीग को उन चुनावों में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि ओपिनियन पोल में उनको लगभग 30 प्रतिशत समर्थन है। उन्होंने कहा कि कुछ इस्लामिक चरमपंथियों ने एक जनमत संग्रह की मांग की है जो बांग्लादेश के संविधान को हमेशा के लिए बदल देगा।"

हिंदुओं पर हिंसा की सख्त निंदा

ब्लैकमैन ने कॉमन्स के लीडर एलन कैंपबेल से विदेश सचिव यवेट कोपर से इस मुद्दे को उठाने का अनुरोध किया कि यूके बांग्लादेश में “समावेशी” चुनावों और अल्पसंख्यक संरक्षण के लिए क्या कदम उठा रहा है।  सरकार की ओर से एलन कैंपबेल ने कहा, “बांग्लादेश के संबंध में हम मानवीय स्थिति पर सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और अंतरिम सरकार को शांतिपूर्ण तथा विश्वसनीय चुनावों में समर्थन दे रहे हैं। मानवाधिकारों के संवर्धन और संरक्षण के लिए हमारी लंबे समय से प्रतिबद्धता है, और हम अंतरिम सरकार से इसे लगातार दोहराते रहेंगे। हम सभी हिंसक कृत्यों की निंदा करते हैं, चाहे वे धार्मिक हों या जातीय आधार पर, और हम अंतरिम सरकार के प्रमुख (मुहम्मद यूनुस) द्वारा अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के प्रति दिए गए वचनों का स्वागत करते हैं, जिसमें गिरफ्तारियां भी शामिल हैं। 

बांग्लादेश में चिंताजनक हालात

 कैंपबेल ने ब्लैकमैन को आश्वासन दिया कि वह विदेश सचिव का ध्यान उनके संसदीय बयान की ओर आकर्षित करेंगे और विदेश, विकास एवं राष्ट्रमंडल कार्यालय (FCDO) उचित समय पर एक बयान पर विचार करेगा।  ब्लैकमैन का यह हस्तक्षेप उनकी पार्टी की शैडो विदेश सचिव प्रीति पटेल द्वारा यवेट कोपर को पत्र लिखने के एक सप्ताह बाद आया है, जिसमें बांग्लादेश की “बहुत चिंताजनक” स्थिति पर यूके के हस्तक्षेप की मांग की गई थी। 

बंद हो बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याएं और उत्पीड़न

पत्र में कहा गया है कि बांग्लादेश में धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा होनी चाहिए और हिंदुओं की हत्याएं तथा उत्पीड़न गलत हैं और रुकना चाहिए। भारतीय मूल की टोरी सांसद ने कहा कि यूके सरकार को अपनी प्रभाव और समन्वय शक्ति का उपयोग करके बांग्लादेश में स्थिरता लाने और ऐसे भविष्य के लिए काम करना चाहिए जहां धार्मिक स्वतंत्रता सुरक्षित हो और हिंदू सुरक्षित रहें।  ब्रिटिश हिंदू समूहों ने, बंगाली हिंदू आदर्श संघ (BHAS) यूके के नेतृत्व में, लंदन में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित किए हैं। प्रदर्शनकारियों ने “अंतरधार्मिक आवाज चिन्मय प्रभु की अनैतिक गिरफ्तारी और दीपू दास की इस्लामिक चरमपंथियों द्वारा सार्वजनिक लिंचिंग” की निंदा की है तथा ढाका से अन्य हमलों की भी निंदा की है।

Latest World News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Around the world से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश

Advertisement
Advertisement
Advertisement