पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पूर्व सैनिक श्रेणी के तहत हरियाणा पुलिस में नियुक्ति की मांग करने वाले एक सेवानिवृत्त BSF कर्मी की याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र की वह नीति नहीं अपनाई है जिसके तहत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के सेवानिवृत्त कर्मियों को ऐसे लाभ मिलते हैं।
BSF से रिटायर्ड के बाद पुलिस में किया आवेदन
सीमा सुरक्षा बल (BSF) के सेवानिवृत्त जवान सूरज भान ने अपनी याचिका में हरियाणा सरकार को पूर्व सैनिक श्रेणी के तहत उन्हें नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। जुलाई 2014 में सेवानिवृत्त हुए भान ने 2015 में पूर्व सैनिक श्रेणी के तहत पुलिस कांस्टेबल पद के लिए आवेदन किया था।
पुलिस के अंतिम परिणाम में आ गया था नाम
याचिकाकर्ता को साक्षात्कार-सह-व्यक्तित्व परीक्षण के लिए प्रवेश पत्र जारी किया गया था। भान ने शारीरिक परीक्षण और चयन प्रक्रिया के अन्य चरणों को पास कर लिया और अक्टूबर 2016 में घोषित अंतिम परिणाम में उनका नाम शामिल था।
नहीं जारी किया गया नियुक्ति पत्र
हालांकि, उन्हें नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया। कोर्ट ने 23 नवंबर 2012 के केंद्र सरकार के आदेश पर हरियाणा सरकार से उसका रुख पूछा था, जिसके तहत राज्य रक्षा बलों के सेवानिवृत्त कर्मियों के समान सीएपीएफ कर्मियों को लाभ दे सकते हैं।
केंद्र सरकार के जारी दिशा निर्देशों को नहीं माना
हरियाणा पुलिस महानिदेशक और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अवर सचिव द्वारा दायर शपथ पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार ने भारत सरकार द्वारा जारी निर्देशों को नहीं अपनाया है। कोर्ट ने 30 अक्टूबर के अपने आदेश में कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार द्वारा जारी निर्देशों को नहीं अपनाया है। (भाषा के इनपुट के साथ)