आपकी उम्र चाहे कोई भी हो 'चीनी' यानी मीठी चीजों का सेवन, शरीर के हर अंग के लिए बेहद खतरनाक है। हमे पता भी नहीं चलता और यह एक साथ शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर हमला करता है। जब आप अपने बच्चे को चॉकलेट या मिठाई खाने को देते हैं तो उसका असर सीधे उसके ब्रेन पर होता है नतीजा'Neuro-developmental Disorder' यानि ADHD की परेशानी होती है। यही चीनी, बड़ों में डिमेंशिया-अल्जाइमर का खतरा बढ़ा देतो है। आंखों पर वार करे तो ग्लूकोमा, दांतों में कैविटी, चेहरे पर झुर्रियां और जवानी में बुढ़ापा झलकने लगता है। मीठा ज्यादा हो जाए तो नींद तक छिन जाती है। इतना ही नहीं ज्यादा चीनी कैंसर तक की वजह बन सकती है। मतलब साफ है कि ज़ुबान को ज़रा सा टेस्ट देने के चक्कर में अपने शरीर के साथ छेड़खानी करना। तो ऐसे में बाबा रामदेव कहते हैं कि हेल्दी शरीर के लिए ज़रूरी है कि चीनी को अभी से बाय बाय करें
डायबिटीज के मरीज़ों में हार्ट अटैक का खतरा 4 गुना ज्यादा
अगर आपको ऐसे लगता है कि चीनी का सेवन करने से सिर्फ डायबिटीज होता है तो आप गलत है। चीनी का ज़्यादा सेवन करने से डायबिटिक्स के साथ हार्ट पेशेंट भी बढ़ें। शुगर के मरीजों में दिल की बीमारी सबसे ज्यादा है। 22% डायबिटिक्स को दिल का दौरा पड़ रहा है। शुगर पेशेंट को हार्ट अटैक का खतरा 4 गुना ज्यादा है।
सर्दी में शुगर इम्बैलेंस होने पर शुगर रोगी क्या करें?
सर्दी में शुगर इम्बैलेंस होने पर मरीजों को अपनी डाइट का ख़ास ख्याल रखना चाहिए। खुद को गर्म रखें। हाई कैलोरी फूड का सेवन करने से बचें। रोजाना वर्कआउट जरूर करें साथ ही आधा घंटा धूप में बैठें
क्या है शुगर का इलाज?
हफ्ते में 150 मिनट वर्कआउट करें। वर्कआउट करने से शुगर का खतरा 60% कम होता है। यानी शुगर को कंट्रोल करने के लिए अच्छी डाइट के साथ रोज़ 20-25 मिनट एक्सरसाइज़ करें
शुगर होगी कंट्रोल
शुगर कंट्रोल करने के लिए घरेलू नुस्खे भी आज़माएं। अपनी डाइट में खीरा-करेला-टमाटर का जूस लें। गिलोय का काढ़ा पीएं। मंडूकासन- योगमुद्रासन फायदेमंद है। रोजाना 15 मिनट कपालभाति करें। रोज 1 चम्मच मेथी पाउडर खाएं। सुबह लहसुन की 2 कली खाएं। गोभी, करेला लौकी खाएं
चीनी नहीं खाने से क्या होगा?
चीनी नहीं खाने से शुरू के दो-तीन दिन थोड़ा सिर भारी, थकान लगेगी। लेकिन चौथे-पांचवें दिन से आप तरोताजा महसूस करने लगेगे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहेगा। एक हफ्ते बाद कब्ज-ब्लोटिंग की परेशानी गायब हो जाएगी। दो हफ्ते बाद तो मीठी चीजें खाने का मन भी नहीं करेगा। नींद भी गहरी और सुकूनभरी आएगी।
गुड़ को भी कहें अलविदा
चीनी के साथ आपको गुड़ का सेवन भी नहीं करना चाहिए। दरअसल, शुगर पेशेंट अक्सर गलतफहमी में चीनी छोड़कर गुड़ खाने लगते हैं जबकि 100 ग्राम गुड़ में करीब 99 ग्राम 'कार्बोहाइड्रेट्स' होते हैं यानि लगभग उतनी ही शुगर ले लेते हैं जितनी चीनी में है। जो लोग ये सोचते हैं कि उबालकर चावल खाने से शुगर नहीं होती तो जान लीजिए, इनमें शुगर और स्टार्च की मात्रा इतनी होती है कि ब्लड शुगर को खतरनाक लेवल तक बढ़ा दे।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)