Children's Health: बच्चों में तेजी से बढ़ रहे हर्निया के मामले, स्वामी रामदेव से जानिए बचाव के उपाय

Children's Health: लेस फिजिकल एक्टिविटी वाले बच्चे जब एडल्ट होते हैं, तब गंभीर बीमारियों का खतरा तो रहता ही है, साथ ही वीक मसल्स की वजह से हर्निया की परेशानी भी मौका ढूंढ़कर आ जाती है।

India TV Lifestyle Desk Reported By: India TV Lifestyle Desk
Updated on: August 08, 2022 11:48 IST
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Highlights

  • इम्यूनिटी, स्टैमिना और स्ट्रेंथ में कमजोर बच्चे
  • एक्टिविटी में कमी है हर्निया की वजह
  • बच्चों की सेहत पर क्या बोला WHO

Children's Health: एक पुरानी कहावत है।।।'Morning Shows the Day।। Childhood Shows the Man।।।' लेकिन इस फेमस कोट से अलग जरा ये सोचिए कि अगर सुबह उठते ही ये पता चल जाए कि आज का पूरा दिन बेकार होने वाला है, तो फिर आप क्या करेंगे? जाहिर सी बात है बचने का कोई रास्ता निकालेंगे। दरअसल बच्चों को लेकर WHO की recommendation आई है। जिसमें हर दिन कम से कम एक घंटा वर्कआउट करने की सिफारिश की गई है। क्योंकि 61% बच्चे फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते और इसकी वजह से अपने पैरेंट्स से 30% कम फिट हैं। 

इम्यूनिटी, स्टैमिना और स्ट्रेंथ में कमजोर बच्चे

दरअसल, बच्चे लगातार बढ़ रही गर्मी, पॉल्यूशन और नये-नये वायरल-बैक्टीरियल इंफेक्शन का सामना करने में, अपने माता-पिता की तरह Capable नहीं है। इसका मतलब तो ये हुआ कि इम्यूनिटी, स्टैमिना, और स्ट्रेंथ के लिहाज से बच्चे कमजोर हो रहे हैं। ऐसे में तो उनके बीमार पड़ने का रिस्क भी बढ़ गया है। टेम्प्रेचर जर्नल में छपे साइंटिफिक रिव्यू के मुताबिक, ऐसे बच्चों को यंग एज में हाइपरटेंशन, हार्ट प्रॉब्लम, डायबिटीज और कैंसर होने का रिस्क ज्यादा रहता है।

एक्टिविटी में कमी है हर्निया की वजह 

बात कुछ ऐसी है कि लाइफ़ में कम्फ़र्ट बढ़ने से, फ़िज़िकल एक्टिविटी में कमी आने से, सबसे बुरा असर बच्चों के मसल्स पर पड़ा है। हाल के दिनों में कमजोर मसल्स की वजह से इंटरनल ऑर्गेन खिसकने के मामले बढ़े हैं। लेस फिजिकल एक्टिविटी वाले बच्चे जब एडल्ट होते हैं, तब गंभीर बीमारियों का खतरा तो रहता ही है साथ ही वीक मसल्स की वजह से हर्निया की परेशानी भी मौका ढूंढ़कर आ जाती है।

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इस उम्र में है ज्यादा खतरा

हर्निया होने की वजह से चलने-फिरने, झुकने में परेशानी होती है। साथ ही तेज दर्द भी होता है। वैसे हर्निया 10 साल से कम उम्र के बच्चों में और 40 साल से ज्यादा उम्र के लोगों में ज्यादा होता है। इसलिए जरूरी है कि  बच्चे जवान और बुजुर्ग सब हेल्दी रहें। शरीर का हर ऑर्गन। अपनी जगह सेट रहे। इसके लिए योगाभ्यास करते हैं। ताकि ऑपरेशन की नौबत ना आए।

हर्निया में कारगर काढ़ा

हर्निया में अमरुद का पत्ता, आम का पत्ता, पुनर्नवा और भूमि आंवला का काढ़ा बहुत आरामदायक होता है। इसके साथ ही हरे या सूखे आंवला, बहेड़ा, हरड का जूस या काढ़ा बनाकर हर्निया की परेशानी से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा अजवाइन का अर्क, पुदीने का रस, सेब का सिरका, व्हीट ग्रास, एलोवेरा और लौकी का जूस भी इस बीमारी के लिए रामबाण उपाय है।  

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बच्चों की सेहत पर क्या बोला WHO

रोज 1 घंटा वर्कआउट बच्चों के लिए जरूरी

61% बच्चे नहीं करते फिजिकल एक्टिविटी
माता-पिता के मुकाबले बच्चे 30% कम फिट
आज के बच्चे नहीं झेल सकते गर्मी, पॉल्यूशन और इंफेक्शन

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ये हैं हर्निया के लक्षण

कमजोर मसल्स 
पेट पर बबल 
भयंकर दर्द
चलने में दिक्कत

हर्निया में कारगर योग

मंडूकासन
शशकासन
वक्रासन 
गोमुखासन

हर्निया में प्राणायाम (धीरे-धीरे करें)

अनुलोम विलोम
कपालभाति
भस्त्रिका

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