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कैलाश मानसरोवर यात्रा में कितने किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, आप भी कर रहे हैं प्लानिंग तो जानें फिट रहना क्यों है ज़रूरी?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam Published : Apr 28, 2025 01:07 pm IST, Updated : Apr 28, 2025 01:08 pm IST

Kailash Mansarovar Yatra: कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल 30 जून से शुरू होगी जो अगस्त तक जारी रहेगी। ऐसे में चलिए बताते हैं कि कैलाश मानसरोवर यात्रा में कितने किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है साथ ही इस यात्रा के दौरान आपका फिटनेस लेवल कैसा होना चाहिए?

कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025

कैलाश मानसरोवर यात्रा इस साल 30 जून से शुरू होगी जो अगस्त तक जारी रहेगी। बता दें साल 2020 के बाद से चीन से तनाव की वजह से यह यात्रा बंद थी। ऐसे में इस साल जब यह यात्रा शुरू हो रही है तो ज़ाहिर है कि यहां बड़ी संख्या में शिव भक्त जाएंगे। ऐसे में चलिए बताते हैं कि कैलाश मानसरोवर यात्रा (Kailash Mansarovar Yatra) में कितने किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है साथ ही इस यात्रा के दौरान आपका फिटनेस लेवल कैसा होना चाहिए? 

कैलाश मानसरोवर यात्रा में कितने किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है? 

कैलाश मानसरोवर यात्रा में कैलाश पर्वत की परिक्रमा के दौरान लगभग 52 से 55 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। यह यात्रा 3 दिन में पूरी की जाती है और 4,600 मीटर ऊंची तारबोचे घाटी से इसकी शुरुआत होती है। कैलाश मानसरोवर यात्रा में मानसरोवर झील की परिक्रमा भी शामिल होती है, जो 320 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई है।

अनिफट पाए जाने पर यात्रा हो सकती है कैंसल:

कैलाश मानसरोवर यात्रा जाने से पहले कई मेडिकल टेस्ट किए जाते हैं। दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट इस यात्रा के आवेदकों के फिटनेस स्तर को जांचने के लिए चिकित्सा परीक्षण आयोजित करता है। इसमें हीमोग्लोबिन, कोलेस्ट्रॉल, इंसुलिन आदि के लिए टेस्ट किए जाते हैं। बीएमआई या बॉडी मास इंडेक्स 27 या उससे कम होना चाहिए। यात्री के अनिफट पाए जाने पर उसकी यात्रा कैंसिल हो सकती है।

कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान फिट रहना क्यों है ज़रूरी? 

  • कैलाश मानसरोवर एक ऊँचाई वाली पहाड़ी यात्रा है, ऐसे में वहां जो भी जा रहा है उसका शारीरिक रूप से फिट होना बेहद ज़रूरी है। शारीरिक रूप से फिट होने से पहाड़ों की ऊंचाई पर बॉडी अनुकूलित करने में मदद करता है, जिससे हाइपोक्सिया और पर्वतीय बीमारी का खतरा कम हो जाता है।

  • फिट रहने से यात्रा के दौरान ऊर्जा का स्तर बना रहता है और थकान कम होती है, जिससे आप यात्रा का पूरी तरह से आनंद ले सकते हैं। यात्रा के दौरान ऊबड़-खाबड़ रास्तों और खराब मौसम से जूझने में भी फिट रहने से मदद मिलती है, जिससे गिरने या फिसलने का खतरा कम हो जाता है।

  • इसलिए, कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारी के लिए, नियमित व्यायाम, जैसे जॉगिंग, पैदल चलना, और साइकिल चलाना महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, योगा और प्राणायाम भी अच्छी तैयारी का हिस्सा हो सकते हैं। यात्रा से पहले, आपको अपनी ऊंचाई के अनुकूलन की भी तैयारी करनी चाहिए, जो कि एक लंबी अवधि की प्रक्रिया है। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

 

 

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