1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. क्या होती है एंजियोप्लास्टी ? इस इलाज के बाद बरतनी होती है ये सावधानियां

क्या होती है एंजियोप्लास्टी ? इस इलाज के बाद बरतनी होती है ये सावधानियां

 Written By: India TV Lifestyle Desk
 Published : Oct 23, 2020 06:27 pm IST,  Updated : Oct 23, 2020 06:27 pm IST

भारत के पहले विश्व कप विजेता क्रिकेट कप्तान कपिल देव की दिल का दौरा पड़ने के बाद शुक्रवार को एंजियोप्लास्टी की गयी।

what is angioplasty know about this treatment- India TV Hindi
क्या होती है एंजियोप्लास्टी ?  Image Source : INSTAGRAM: @EMMANOUIL_CHRONAKIS

भारत के पहले विश्व कप विजेता क्रिकेट कप्तान कपिल देव की दिल का दौरा पड़ने के बाद शुक्रवार को एंजियोप्लास्टी की गयी। अगले दो दिन में उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने की उम्मीद है। एंजियोप्लास्टी ऐसी सर्जरी है, जिससे दिल से जुड़ी समस्याओं को ठीक किया जाता है। आइये जानते हैं कि ये क्या है, इसकी क्या प्रक्रिया है.. इसके बाद क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिए...

क्या होती है एंजियोप्लास्टी ?

कोरोना, डेंगू सहित हर बीमारी से कोसों दूर रखेगा ये आयुर्वेदिक काढ़ा, ऐसे 10 मिनट में करें तैयार

इसे बैलून एंजियोप्लास्टी और परक्यूटेनियस ट्रांसल्यूमिनाल एंजियोप्लास्टी के नाम से भी जाना जाता है। आमतौर पर संकुचित या बाधित हुई रक्त वाहिका को यांत्रिक रूप से चौड़ा करने की एक शल्य-तकनीक है।

किन वजहों से धमनियों में होती है रुकावट?

जिन वजहों से धमनियों में रुकावट पैदा होती है, उनमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह, निष्क्रिय जीवन-शैली, धूम्रपान, कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर, और हृदय सम्बन्धी बीमारियां शामिल हैं। इन तमाम रुकावटों को एंजियोप्लास्टी द्वारा दूर किया जाता है।

कैसे की जाती है एंजियोप्लास्टी ?

इस तकनीक के माध्यम से एक गाइड वायर के सिरे पर रखकर एक खाली और पिचके गुब्बारे को, जिसे बैलून कैथेटर कहा जाता है, को संकुचित स्थान में डाला जाता है। इसके बाद सामान्य रक्तचाप से 75-500 गुना अधिक जल दवाब का उपयोग करते हुए उसे एक निश्चित आकार में फुलाया जाता है। गुब्बारा धमनी या शिरा के अन्दर जमा हुई वसा को खंडित कर देता है और रक्त वाहिका को बेहतर प्रवाह के लिए खोल देता है। इसके बाद गुब्बारे को पिचका कर उसी तार (कैथेटर) द्वारा वापस खींच लिया जाता है।

एंजियोप्लास्टी के बाद हो सकती हैं ये परेशानियां

- जहां से कैथेटर डाला गया, वहां जख्म होना या रक्तस्त्राव होना। 

- जिनमें पहले से ही गुर्दे या मधुमेह की समस्या हो, उन्हें अन्य परेशानियां होना।
- एंजियोप्लास्टी के दौरान दिए गए डाई से एलर्जी 
- एंजियोप्लास्टी के कुछ महीनों बाद रक्त के थक्के बनना। 

एंजियोप्लास्टी के बाद बरतें ये सावधानियां

- शारीरिक गतिविधियों से बचें।
- घाव के साथ नहीं बरते लापरवाही।
- नियमित रूप से दवाईयों का सेवन करें। 

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। हेल्थ से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।