आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में हमारी आंखें पहले से कहीं ज्यादा दबाव में हैं। लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर की स्क्रीन के सामने रहना, बाहर कम जाना और पौष्टिक आहार का अभाव ये सब हमारी आंखों की सेहत पर सीधा असर डालते हैं। ग्वालियर में स्थित रतन ज्योति नेत्रालय के संस्थापक और निदेशक, एमबीबीएस, एमएस (नेत्र विज्ञान) डॉ. पुरेंद्र भसीन से जानें आंखों की बेहतरीन सेहत के लिए कौन से विटामिन ज़रूरी हैं?
आंखों के लिए कौन सा विटामिन ज़रूरी है?
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विटामिन A: आंखों के लिए सबसे जरूरी तत्वों में से एक है विटामिन A। यह आंखों की ‘रेटिना’ को स्वस्थ रखता है और देखने में मदद करता है। इसकी कमी से रतौंधी और आंखों में सूखापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। प्राकृतिक रूप से इसे गाजर, शकरकंद, पालक, राजगिरा जैसी चीजों से पाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह पर इसका सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है।
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विटामिन C और विटामिन E: विटामिन C और विटामिन E जैसे एंटीऑक्सीडेंट हमारी आंखों के ऊतकों को फ्री रैडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाते हैं। ये उम्र से जुड़ी दिक्कतों जैसे मोतियाबिंद और मैक्युलर डीजेनेरेशन का जोखिम कम कर सकते हैं। संतरा, अमरूद, बादाम, अखरोट, सूरजमुखी के बीज जैसे खाद्य पदार्थ इनका अच्छा स्रोत हैं।
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विटामिन D: विटामिन D न केवल हड्डियों के लिए बल्कि आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत जरूरी है। विटामिन D के मुख्य स्रोत सुबह की धूप, मछली, अंडे की जर्दी, और फोर्टिफाइड दूध हैं।
ये अन्य पोषक तत्व भी हैं ज़रूरी:
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ओमेगा-3 फैटी एसिड: पिछले कुछ सालों में ओमेगा-3 फैटी एसिड्स पर काफी शोध हुआ है, और यह साबित हुआ है कि ये ड्राई आई सिंड्रोम को कम करने और आंखों की नमी को बनाए रखने में मददगार हैं। मछली का तेल, फ्लैक्ससीड ऑयल और चिया सीड्स ओमेगा-3 के प्रमुख स्रोत हैं।
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जिंक: जिंक एक ऐसा मिनरल है जिसे अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है, जबकि यह विटामिन A को रेटिना तक पहुंचाने में मदद करता है। इसकी कमी से देखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बीन्स, दालें और साबुत अनाज जिंक के अच्छे स्रोत हैं, जरूरत अधिक हो तो डॉक्टर-सलाहित सप्लीमेंट लेना बेहतर होता है।
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ल्यूटिन और ज़ीएक्सैंथिन: इन सबके अलावा, ल्यूटिन और ज़ीएक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व आंखों के लिए “प्राकृतिक सनस्क्रीन” का काम करते हैं। ये नीली रोशनी और यूवी किरणों से बचाव में मदद करते हैं। पालक, केल, ब्रोकोली और अंडे की जर्दी में ये स्वाभाविक रूप से पाए जाते हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।