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धारा 370 हटने के बाद सरकार मुस्‍तैद, जम्‍मू कश्‍मीर में जरूरी सामान का 3 महीने का स्‍टॉक तैयार

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Aug 06, 2019 08:04 am IST,  Updated : Aug 06, 2019 08:04 am IST

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद की स्थिति को देखते हुए सरकार ने चाक चौबंद व्यवस्था कर दी है। खाने पीने के सामान से लेकर बिजली पानी की निर्बाध सप्लाई की व्यवस्था कर ली गई है।

Jammu Kashmir - India TV Hindi
Jammu Kashmir 

जम्‍मू कश्‍मीर से धारा 370 हटने के बाद की स्थिति को देखते हुए सरकार ने चाक चौबंद व्‍यवस्‍था कर दी है। खाने पीने के सामान से लेकर बिजली पानी की निर्बाध सप्‍लाई की व्‍यवस्‍था कर ली गई है। अधिकारियों के मुताबिक खाने पीने की वस्‍तुओं से लेकर अन्‍य जरूरत की चीजों का 3 महीने तक का स्‍टॉक तैयार कर लिया गया है। 

केंद्र सरकार के फैसले के बाद सोमवार रात जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान किसी भी स्थिति से निपटने के लिए निरंतर सतर्कता बरतने और तैयारी की आवश्यकता पर जोर दिया। राजभवन के प्रवक्ता के अनुसार, सरकार ने शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की और राज्य में मौजूदा सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि राज्यपाल के सलाहकारों के विजय कुमार, के के शर्मा, के स्कंदन और फारूक खान तथा मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने बैठक में भाग लिया। 

आवश्यक सेवाओं का जायजा लेने के बाद जम्मू से श्रीनगर लौटे कुमार, स्कंदन और खान ने राज्यपाल को बिजली, पानी की आपूर्ति और स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं सहित लोगों को विभिन्न सार्वजनिक सेवाओं की आवश्यक आपूर्ति तथा वितरण के बारे में जानकारी दी। प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल ने आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और प्रशासन को मौजूदा परिदृश्य में लोगों की वास्तविक जरूरतों पर ध्यान देने की सलाह दी। 

जरूरी सामान का 3 महीने का स्‍टॉक 

सुब्रह्मण्यम ने राज्यपाल को सूचित किया कि कश्मीर घाटी में आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है और यह स्टॉक तीन महीने तक चलेगा। कानून-व्यवस्था की स्थिति और सरकारी तंत्र की तैयारियों की समीक्षा करते हुए, राज्यपाल मलिक ने विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच निरंतर सतर्कता, तत्परता और तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि किसी भी स्थिति से समन्वित और प्रभावी तरीके से निपटा जा सके। राज्यपाल ने जमीनी स्थिति पर लगातार कड़ी नजर बनाए रखने की आवश्यकता दोहराई और लोगों के समग्र हित के लिए समाज में शांति और सद्भाव लाने के लिए निरंतर प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। 

धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों से सहयोग की अपील 

प्रवक्ता ने बताया कि राज्यपाल मलिक ने विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक संगठनों के लोगों और नेताओं से अपील की है कि वे राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में सरकारी तंत्र का सहयोग करें। राज्यसभा ने सोमवार को अनुच्छेद 370 की अधिकतर धाराओं को खत्म कर जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख को दो केन्द्रशासित क्षेत्र बनाने संबंधी सरकार के दो संकल्पों को मंजूरी दे दी। गृह मंत्री अमित शाह ने इस अनुच्छेद के कारण राज्य में विकास नहीं होने और आतंकवाद पनपने का दावा करते हुए आश्वासन दिया कि जम्मू कश्मीर को केन्द्रशासित क्षेत्र बनाने का कदम स्थायी नहीं है तथा स्थिति समान्य होने पर राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा।

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