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भारी बारिश और समुद्र में तेज लहरें उठने के बीच केरल में हाई अलर्ट

 Written By: Bhasha
 Published : May 14, 2021 02:32 pm IST,  Updated : May 14, 2021 02:32 pm IST

तिरुवनंतपुरम में अरुविक्कारा बांध में पानी के तेज बहाव के कारण बांध के फाटक बृहस्पतिवार रात को खोल दिये गये और लगातार बारिश के कारण करमना और किल्ली नदियों में जलस्तर उफान पर है।

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भारी बारिश और समुद्र में तेज लहरें उठने के बीच केरल में हाई अलर्ट Image Source : PTI

तिरुवनंतपुरम. केरल में भारी बारिश की चेतावनी के बीच शुक्रवार को हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। राज्य सरकार ने लोगों के लिए राहत शिविर शुरू किये हैं और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। केरल के कई हिस्सों में बृहस्पतिवार रात से बारिश हो रही है। तिरुवनंतपुरम में अरुविक्कारा बांध में पानी के तेज बहाव के कारण बांध के फाटक बृहस्पतिवार रात को खोल दिये गये और लगातार बारिश के कारण करमना और किल्ली नदियों में जलस्तर उफान पर है।

अधिकारियों ने बताया कि इन नदियों के किनारे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को एहतियात के तौर पर सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। रात भर हुई बारिश के चलते दक्षिणी कोल्लम जिला के कई हिस्से जलमग्न हो गये हैं और पेड़ उखड़ गये हैं। तटीय कोल्लम, अलप्पुझा और एर्णाकुलम जिलों में बृहस्पतिवार रात समुद्र में तेज लहरें उठने के कारण कई मकानों को नुकसान पहुंचा है।

एर्णाकुलम का तटीय गांव चेल्लानम बृहस्पतिवार रात से समुद्री हलचल के कारण सबसे अधिक प्रभावित हुए इलाकों में से एक है। मलप्पुरम जिला के पोन्नानी में वेलिनाकोड और कोझिकोड के कसाबा में समुद्र में तेज लहरें उठने की सूचना मिली। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की कमांडेंट रेखा नांबियार ने बताया कि एहतियात के तौर पर एनडीआरएफ की नौ टीमें केरल भेजी गयी हैं। उन्होंने कहा, ‘‘वायनाड और इडुक्की जिले भूस्खलन संभावित क्षेत्र हैं। हमने भूस्खलन की स्थिति में जरूरी उपकरण भेजे हैं।’’

उन्होंने कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर वे सभी एहतियात बरत रहे हैं। यहां भू राजस्व आयुक्तालय ने बताया कि कुल 87 लोगों को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, इडुक्की और एर्णाकुलम में खोले गये चार राहत शिविरों में भेजा गया है। कुल 3,071 भवनों की पहचान की गयी है, जिन्हें राहत शिविर में बदला जायेगा। सूत्रों ने बताया कि इससे एक बार में 4,23,080 लोगों के रहने का इंतजाम हो सकता है। अधिकारियों ने बताया कि कोविड-19 महामारी के कारण कई जगहों पर लोग राहत शिविरों में जाने से मना कर रहे हैं।

हालांकि आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने बताया कि शिविरों में महामारी के दिशा निर्देशों के मुताबिक व्यवस्था की गयी है। मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में तिरुवनंतपुरम, कोट्टायम, एर्णाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड जिलों में ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। अधिकारियों ने स्थिति सामान्य होने तक समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक लगा दी है। केरल राज्य आपदा प्रबधंन प्राधिकार (केएसडीएमए) ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों से सभी एहतियात बरतने का अनुरोध किया है। विभिन्न जिला प्रशासनों ने भारी बारिश के मद्देनजर राहत अभियानों के संचालन के लिए जिला, तालुक और पंचायत स्तर पर नियंत्रण कक्ष बनाये हैं। 

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