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पद्मावती के विरोध में एकजुट हुए राजनीतिक दल, पूर्व राजघराने, सिविल सोसायटी और सामाजिक संगठन

 Reported By: Bhasha
 Published : Nov 16, 2017 02:45 pm IST,  Updated : Nov 16, 2017 02:45 pm IST

मेवाड़ उदयपुर से आने वाले राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि राज्य के कला और संस्कृति विभाग से कहा गया है कि वह इतिहासकारों और विषय विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट दे। रिपोर्ट आने पर सरकार विचार करेगी। उन्हों

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जयपुर: इतिहास के साथ कथित छेड़छाड़ के विरोध में राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, राजस्थान के पूर्व राजघराने, हिन्दू संगठन और सर्वसमाज समवेत स्वर में फिल्म पद्मावती में महारानी पद्मावती का गलत चित्रण किये जाने का कड़ा विरोध करते हुए केन्द्र एवं राजस्थान सरकार से इसकी रिलीज पर रोक लगाने या विवादित अंशों को हटाने की मांग की है। इस मामले में राजस्थान सरकार का कहना है कि उसने कला एवं संस्कृति विभाग से विवादित अंशों को लेकर रिपोर्ट देने को कहा है। रिपोर्ट आने पर सरकार उचित कार्रवाई करेगी, लेकिन इस संबंध में किसी को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी का कहना है कि विभिन्न संगठन आदि आरोप लगा रहे हैं कि फिल्म में इतिहास के तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है, यदि ऐसा है तो सरकार इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने भी फिल्म पद्मावती में इतिहास के तथ्यों को कथित रूप से गलत ढंग से दिखाये जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को इतिहास को विकृत रूप से दिखाने का हक नहीं है।

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता देवी सिंह भाटी का कहना है, हालांकि फिल्म अभी रिलीज नहीं हुई है, लेकिन ट्रेलर में जो सीन दिखाये गये हैं वह आपत्तिजनक हैं, उन्हें बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘फिल्म में रानी पद्मावती को पुरूषों के सामने नाचते हुए दिखाया जा रहा है, यह राजपूत समाज या राजनीति का प्रश्न नहीं है यह महिलाओं के सम्मान का मुद्दा है। अभी तो फिल्म रिलीज नहीं हुई है, सिर्फ ट्रेलर आया है। निर्माता संजय लीला भंसाली ने ना जाने फिल्म में क्या-क्या दिखाया होगा? ऐसे में फिल्म पर बिना देरी किये रोक लगनी चाहिए ताकि अन्य लोग इतिहास के साथ छेड़छाडढ़ ना करें।’’

मेवाड़ उदयपुर से आने वाले राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि राज्य के कला और संस्कृति विभाग से कहा गया है कि वह इतिहासकारों और विषय विशेषज्ञों के साथ मिलकर इस संबंध में तथ्यात्मक रिपोर्ट दे। रिपोर्ट आने पर सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस मामले में कानून अपना काम करेगा। कानून से बड़ा कोई नहीं है।’’

जयपुर के पूर्व राजघराने की सदस्य और भाजपा विधायक दीया कुमारी और उदयपुर के पूर्व राजघराने के सदस्य लक्ष्यराजसिंह मेवाड़ ने पद्मावती फिल्म में इतिहास के साथ घिनौनी हरकत करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि किसी भी फिल्म निर्माता की ऐसी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केन्द्र सरकार, सेंसर बोर्ड और राजस्थान सरकार को बिना समय गंवाये फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगानी चाहिए।

फिल्म में रानी पद्मावती के किरदार को गलत ढंग से पेश किये जाने को लेकर शुरू से विरोध कर रही राजस्थान करणी सेना के संस्थापक लोकेन्द्र सिंह कालवी का कहना है कि फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली ने शूंटिग के दौरान विवाद होने के बाद हमें आश्वासन दिया था कि प्रोमो रिलीज होने से पहले उसे करणी सेना और राजपूत समाज को दिखाया जाएगा। उसके बाद ही फिल्म रिलीज की जाएगी, लेकिन निर्माता अपने वादे से मुकर गये।

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