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खुलासा: मोदी सरकार ने UPA से सस्ता खरीदा राफेल, हर विमान पर बचाए 59 करोड़ रुपये

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 26, 2018 07:38 am IST,  Updated : Jul 26, 2018 07:42 am IST

सरकारी अफसरों का दावा है जिस विमान की डील मोदी सरकार ने की है वो यूपीए सरकार के समय खरीदे जा रहे विमान से ज्यादा असरदार और तकनीकि रुप से ज्यादा बेहतर है क्योंकि अब जिस फाइटर जेट की डील हुई है उसमें METEOR और SCALP जैसी मिसाइलें भी हैं।

खुलासा: मोदी सरकार ने UPA से सस्ता खरीदा राफेल, हर विमान पर बचाए 59 करोड़ रुपये- India TV Hindi
खुलासा: मोदी सरकार ने UPA से सस्ता खरीदा राफेल, हर विमान पर बचाए 59 करोड़ रुपये

नई दिल्ली: राफेल डील इस वक्त बड़ा सियासी मुद्दा बन गया है। बुधवार को कांग्रेस की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया। कांग्रेस का इल्जाम है कि सरकार ने फ्रांस से राफेल एयरक्राफ्ट तीन गुना कीमत पर खरीदा इसीलिए सरकार इसकी कीमत नहीं बता रही है लेकिन राफेल डील के जानकारों का कहना है कि हकीकत में मोदी सरकार ने राफेल फाइटर जेट का सौदा सस्ते में किया है। सूत्रों के मुताबिक यूपीए सरकार के दौरान राफेल फाइटर जेट की प्रस्तावित कीमत की तुलना में मोदी सरकार ने सस्ती डील की है। दावा है कि मोदी सरकार ने हर राफेल प्लेन पर 59 करोड़ रूपये की बचत की है।

यूपीए के समय प्रस्तावित दर के हिसाब से जेट में लगनेवाले हथियार और उनके मेंटेनेस, सिमुलेटर्स, रिपेयर सपोर्ट और टैक्नीकल सपोर्ट को शामिल करने के बाद एक फाइटर जेट की कीमत लगभग 1,705 करोड़ रुपए आती लेकिन मोदी सरकार में इन्हीं सब एक्यूपमेंट्स और टेक्नोलॉजी के साथ एक राफेल फाइटर जेट का सौदा 1646 करोड़ रुपए में किया है और फ्रांस के साथ 36 राफेल प्लेन की डील 59 हजार 256 करोड़ रुपए में की।

सरकारी अफसरों का दावा है जिस विमान की डील मोदी सरकार ने की है वो यूपीए सरकार के समय खरीदे जा रहे विमान से ज्यादा असरदार और तकनीकि रुप से ज्यादा बेहतर है क्योंकि अब जिस  फाइटर जेट की डील हुई है उसमें METEOR और SCALP जैसी मिसाइलें भी हैं जो यूपीए की डील के तहत लिए जा रहे फाइटर विमान में नहीं थीं।

मोदी सरकार ने जिस विमान की डील की है, उसमें भारत के लिए खास तौर से 13 चीजें बढ़ाई गई हैं, जो दूसरे देशों को नहीं दी जाती हैं और इसलिए इसकी कीमत की तुलना दूसरे देशों से नहीं की जा सकती।

बता दें कि लंबे समय से कांग्रेस राफेल डील को लेकर मोदी सरकार से जवाब मांग रही है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनके नेता मोदी सरकार पर कई बार राफेल डील में घोटाले का आरोप लगाते रहे हैं। वहीं पूर्व रक्षामंत्री एके एंटनी ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार ने जिस कंपनी को ये दील सौपी है इसके पास ना ही प्लेन बनाने का अनुभव है और ना ही लड़ाकू एयरक्राफ्ट का।

कांग्रेस का ये भी दावा है कि फ्रांस ने बिल्कुल ऐसे ही एयरक्राफ्ट मिस्र और कतर को कम दाम में बेचे हैं, तो फिर भारत के समय पर दाम अधिक कैसे हो गए। उन्होंने कहा कि नवंबर, 2016 में रक्षामंत्री ने एयरक्राफ्ट के दाम बताए थे तो फिर अब क्यों नहीं इसके बारे में बताया जा रहा है।

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