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आदित्य प्रताप सिंह ने इनोवेशन में जीता है 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार', बताया कैसे रिसर्च को आगे बढ़ाने की जगी इच्छा

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Jan 26, 2023 12:04 pm IST,  Updated : Jan 26, 2023 12:16 pm IST

आदित्य प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने 'MICROPA' नाम की तकनीक इजाद की है, जो पीने के पानी में पाए जाने वाले माइक्रोप्लास्टिक्स को डिटेक्ट और फिल्टर करने का एक नया तरीका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार की शाम को अपने आधिकारिक आवास में देश के 11 'प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' (PMRBP) के विजेताओं से मुलाकात की। इन विजेताओं से मिलकर पीएम मोदी ने संवाद किया और उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने सभी विजेताओं की कहानी को सोशल मीडिया पर शेयर की है। पीएम ने ट्वीट किया है। इन विजेताओं में से उन्होंने छत्तीसगढ़ के रहने वाले आदित्य प्रताप सिंह चौहान की कहानी भी बताई। 

आदित्य प्रताप सिंह चौहान को इनोवेशन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला है। जब उनसे पूछा गया कि आपने ऐसा क्या इनोवेशन किया कि आपको एक राष्ट्र पुरस्कार मिला है। इस पर आदित्य ने बताया कि उन्होंने 'MICROPA' नाम की तकनीक इजाद की है, जो पीने के पानी में पाए जाने वाले माइक्रोप्लास्टिक्स को डिटेक्ट और फिल्टर करने का एक नया तरीका है। इससे काफी आसानी से डिटेक्ट और फिल्टर को डिटेक्ट और फिल्टर आउट कर सकते हैं, जबकि ऐसा आमौतर पर कर पाना बहुत मुश्किल है।

'माइक्रोप्लास्टिक्स उस समय मेरे लिए नया टर्म था'

आदित्य प्रताप बताया कि उन्हें माइक्रोप्लास्टिक्स के बारे में 10वीं में एक रिसर्च आर्टिकल पढ़ते समय पता चला। प्रताप ने कहा, "माइक्रोप्लास्टिक्स उस समय मेरे लिए नया टर्म था। इसके बारे में मैंने और पढ़ना शुरू किया। कई जर्नल और रिसर्च पेपर्स पढ़ा, तब मुझे इस समस्या का पता चला कि कैसे माइक्रोप्लास्टिक्स पीने के पानी में भी काफी बढ़ते चले जा रहे हैं। तभी मेरी इच्छा रिसर्च अंडरटेक करने की थी। फिर मैंने फैसला किया कि इस पर अपने रिसर्च को आगे बढ़ाना चाहूंगा।" आदित्य प्रताप ने कहा कि रिसर्च का काम बहुत से लोगों के लिए बोरियत वाला काम लगता है, लेकिन लंबे समय के बाद इसका फल मिलता है, तो उसका काफी लोगों को फायदा मिलता है।

गौरतलब है कि भारत सरकार इनोवेशन, समाज सेवा, शैक्षिक, खेल, कला एवं संस्कृति और वीरता की छह श्रेणियों में बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती है। इसके तहत प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रमाण-पत्र दिया जाता है। इस साल बाल शक्ति पुरस्कार की विभिन्न श्रेणियों के तहत देश भर से 11 बच्चों को पीएमआरबीपी-2023 के लिए चुना गया था। पुरस्कार पाने वालों में 11 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 6 लड़के और 5 लड़कियां शामिल हैं।

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