केरल में भारी बारिश ने भीषण तबाही मचाई है। वायनाड जिले में भूस्खलन की कई घटनाओं में अभी तक 146 लोगों की मौत हो चुकी है। सैंकड़ों लोग लापता हैं। सेना की मदद से अब तक 1000 लोगों का रेस्क्यू किया गया है। इस घटना के बाद केरल सरकार ने दो दिनों का शोक घोषित कर दिया है। राहत और बचाव का कार्य अभी भी जारी है। फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। इस बीच, मौसम विभाग ने आज यानी बुधवार को भी कई जिलों में भूसलाधार बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग ने केरल के पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वायनाड, कोझिकोड़, कन्नूर और कासरगोड़ जिले में भी अगले तीन घंटे में भारी बारिश होने वाली है। आपदा और लगातार बारिश को देखते केरल के 11 जिलों- कासरगोड, कन्नूर, कोझीकोड, वायनाड, मलप्पुरम, पलक्कड़, त्रिशूर, इडुक्की, एर्नाकुलम, अलाप्पुझा और पथानामथिट्टा में आज स्कूल और कॉलेज में छुट्टी का ऐलान कर दिया गया है।
कई जिलों में बारिश का अलर्ट
इससे पहले मौसम विभाग ने वायनाड जिले और पड़ोसी मलप्पुरम, कोझीकोड और कन्नूर जिलों के लिए मंगलवार को अत्यधिक भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था। आईएमडी ने वायनाड समेत चार जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’, जबकि तिरुवनंतपुरम और कोल्लम को छोड़कर राज्य के सभी अन्य जिलों के लिए मंगलवार को ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया। मंगलवार को पथनमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टयम, एर्नाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर, पलक्कड और कासरगोड जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया। मौसम विभाग ने मलप्पुरम, कोझीकोड, वायनाड और कन्नूर जिलों के लिए बुधवार के लिए भी ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
भूस्खलन से मची तबाही
बता दें कि वायनाड जिले में भारी बारिश से मंगलवार तड़के कई जगहों पर भूस्खलन हो गया। इस घटना में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। वायनाड के मेप्पाडी, मुबदक्कई और चूरल मला पहाड़ियों पर भूस्खलन हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि पहला भूस्खलन मुबदक्कई में रात करीब 1 बजे हुआ। इसके बाद अगला भूस्खलन चूरल माला में सुबह 4 बजे हुआ। चूरल माला शहर में एक पुल के ढहने के बाद 400 से ज्यादा परिवार फंसे हुए थे।
सीएम विजयन की अपील
घटना के बाद मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन लगातार वायनाड के हालातों पर नजर रखे हुए हैं। सीएम विजयन भूस्खलन से हुई तबाही पर दुख व्यक्त करते हुए इस कठिन वक्त में लोगों से आजीविका के पुनर्निर्माण के लिए एक साथ आने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कई लोग मदद की पेशकश कर रहे हैं, लेकिन प्रभावित क्षेत्रों और जीवन के पुनर्निर्माण के लिए और अधिक की आवश्यकता है। सीएम ने सभी से मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में योगदान देने का आग्रह किया।
ये भी पढ़ें-
केरल में भारी बारिश से मची है तबाही, दिल्ली में उमस भरी गर्मी से त्रस्त लोग, जानिए मौसम का मिजाज
वायनाड आपदा: अब तक 146 लोगों की मौत, सेना ने ऐसे बचाई 1000 लोगों की जान
संपादक की पसंद