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यूपी: RTI से CM योगी आदित्यनाथ के बारे में मांगी ये जानकारियां, सरकार ने किया इनकार

 Reported By: IANS
 Published : Feb 26, 2018 11:08 am IST,  Updated : Feb 26, 2018 11:08 am IST

यह खुलासा RTI कार्यकर्ता संजय शर्मा की ओर से दायर की गई RTI पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुभाग अधिकारी और जन सूचना अधिकारी बसंत कुमार तिवारी द्वारा दिए गए एक जवाब से हुआ है...

Yogi Adityanath | PTI- India TV Hindi
Yogi Adityanath | PTI

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने मुख्यमंत्री की शैक्षिक योग्यताओं और उनके राजधानी लखनऊ स्थित आधिकारिक आवास से संबंधित सूचनाओं को सूचना के अधिकार के तहत देने से इनकार कर दिया है। यह खुलासा RTI कार्यकर्ता संजय शर्मा की ओर से दायर की गई RTI पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुभाग अधिकारी और जन सूचना अधिकारी बसंत कुमार तिवारी द्वारा दिए गए एक जवाब से हुआ है। संजय शर्मा ने बीते साल 5 मई को मुख्यमंत्री के कार्यालय में एक RTI अर्जी देकर CM योगी आदित्यनाथ की कक्षा 8 से आगे की शैक्षिक योग्यताओं के प्रमाणों, योगी के शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री आवास में कराए गए रेनोवेशन वर्क की संस्तुतियों सहित खचरें, बिजली बिल और नगर निगम लखनऊ के बकाया टैक्स की धनराशि आदि के संबंध में 8 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी।

इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के जनसूचना अधिकारी बसंत कुमार तिवारी ने बीती 13 फरवरी को संजय को एक पत्र भेजा है, जिसमें प्रशासनिक सुधार अनुभाग-2 की अधिसूचना दिनांक 3 दिसंबर 2015 की धारा 4(5) की व्यवस्था का जिक्र करते हुए मांगी गई सूचना दो से अधिक लोक प्राधिकरणों गोपन विभाग, राज्य संपत्ति विभाग,ऊर्जा विभाग और नगर विकास विभाग द्वारा धारित होने की बात कही है और सूचना देने से मना कर दिया है। RTI एक्सपर्ट संजय का कहना है कि जन सूचना अधिकारी ने गलत आधार लेकर सूचना देने से मना किया है। 

बकौल संजय उनके द्वारा मांगी गई सूचनाएं मुख्यमंत्री और उनके आवास के आधिकारिक क्रियाकलापों से संबंधित हैं। इसलिए ऐसा माना ही नहीं जा सकता कि किसी सूबे के मुख्यमंत्री कार्यालय को अपने हालिया मुख्यमंत्री की शैक्षिक योग्यताओं, मुख्यमंत्री आवास में कराए गए रेनोवेशन वर्क, बिजली बिल और नगर निगम लखनऊ के बकाया टैक्स की जानकारी ही नहीं हो। संजय कहते हैं कि सूचना का अधिकार कानून की धारा 4 (1) (इ) के तहत यह सभी सूचनाएं स्वत:स्फूर्त रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह इस मामले में अपनी आपत्तियां देते हुए एक अपील राज्य सूचना आयोग में डाली है जो आने वाले 5 मार्च को मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी द्वारा सुनी जाएगी।

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