Wind Chime Vastu Tips: विंड चाइम ज्यादातर घरों में सजावट के तौर पर इस्तेमाल की जाती है। हवा के हल्के झोंकों के साथ जब घर में विंड चाइम या छोटी घंटियों की मधुर आवाज गूंजती है, तो मन अपने आप शांत हो जाता है। यह आवाज सिर्फ दिल को सुकून ही नहीं देती, बल्कि वास्तु शास्त्र के अनुसार घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सकारात्मकता को बढ़ाने में भी मदद करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर इन्हें सही दिशा और सही तरीके से लगाया जाए, तो ये किस्मत का दरवाजा खोल सकती हैं। तो आइए जानते हैं कैसे एक सही विंड चाइम आपकी किस्मत के दरवाजे खोल सकती है।
वास्तु में ध्वनि तरंगों का महत्व
वास्तु शास्त्र की माने तो ध्वनि तरंगें आसपास की ऊर्जा को सक्रिय करती हैं। विंड चाइम और घंटियों की मधुर ध्वनि घर की रुकी हुई नकारात्मक ऊर्जा को तोड़कर सकारात्मक माहौल बनाती है। यही कारण है कि मंदिरों और मुख्य द्वार पर लगी घंटियों का विशेष महत्व माना गया है।
विंड चाइम की सही दिशा क्यों है जरूरी?
विंड चाइम की दिशा गलत होने पर इसका असर उल्टा भी हो सकता है। सही दिशा में लगी विंड चाइम जीवन में अवसर, शांति और तरक्की लाती है, जबकि गलत दिशा मानसिक अशांति का कारण बन सकती है।
किस दिशा में लगाएं कौन-सी विंड चाइम
अगर आप पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा में विंड चाइम लगाना चाहते हैं, तो धातु से बनी विंड चाइम शुभ मानी जाती है। यह दिशा बच्चों के करियर, सौभाग्य और नए अवसरों को मजबूत करती है।
पूर्व और दक्षिण-पूर्व दिशा के लिए सही विकल्प
पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में लकड़ी या बांस से बनी विंड चाइम लगाना शुभ होता है। वास्तु के अनुसार, लकड़ी का तत्व विकास, उन्नति और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।
छड़ों की संख्या का वास्तु रहस्य
विंड चाइम में छड़ों की संख्या भी असर डालती है। घर में शांति और क्लेश दूर करने के लिए 7 या 8 छड़ों वाली विंड चाइम उपयुक्त मानी जाती है। वहीं, सामाजिक प्रतिष्ठा और लोकप्रियता बढ़ाने के लिए 6 छड़ों वाली विंड चाइम को उत्तर-पश्चिम दिशा में लगाना लाभकारी होता है।
मुख्य द्वार पर घंटी क्यों है जरूरी?
घर के मुख्य दरवाजे पर छोटी पीतल की घंटी लटकाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। दरवाजा खोलते समय घंटी की आवाज घर की रुकी हुई ऊर्जा को सक्रिय कर देती है और नकारात्मक शक्तियों को बाहर ही रोकती है।
इन जगहों पर न लगाएं विंड चाइम
वास्तु के अनुसार, विंड चाइम को कभी भी ऐसी जगह न लगाएं जहां उसके नीचे कोई बैठता या सोता हो। किचन या स्टोर रूम के अंधेरे कोनों में भी इसे लगाने से बचना चाहिए, क्योंकि वहां इसकी ऊर्जा सही तरीके से प्रवाहित नहीं हो पाती।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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