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मध्य प्रदेश: कबाड़ी की दुकान पर मिले किसान कर्ज माफी के प्रमाण पत्र, मचा हंगामा

 Reported By: Anurag Amitabh @anuragamitabh
 Published : Mar 17, 2021 01:05 pm IST,  Updated : Mar 17, 2021 02:17 pm IST

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में आज कबाड़ में मिले हजारों किसानों के जय किसान फसल ऋण माफ़ी योजना के महंगे एसीपी शीट पर बने हजारों प्रमाण पत्र ने प्रदेश में पूर्व में आई कांग्रेस सरकार की पोल खोल कर रख दी।

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में आज कबाड़ में मिले हजारों किसानों के जय किसान फसल ऋण माफ़ी योजना- India TV Hindi
MP: कबाड़ी की दुकान पर मिले किसान कर्ज माफी के प्रमाण पत्र Image Source : INDIA TV

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में आज कबाड़ में मिले हजारों किसानों के जय किसान फसल ऋण माफ़ी योजना के महंगे एसीपी शीट पर बने हजारों प्रमाण पत्र ने प्रदेश में पूर्व में आई कांग्रेस सरकार की पोल खोल कर रख दी। साथ ही उज्जैन पहुंचे गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भी इस मामले में तत्कालीन कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रमाण पत्र ताम्र के हो या कागज के सरकार ही पूरी झूठ पर खड़ी थी। उन्होंने कहा, आप ना मेरी सुनो ना ही कांग्रेस की एक ऐसा किसान लाकर बताओ जिसका कर्ज माफ हुआ हो। आपको बता दें कि कांग्रेस प्रदेश सचिव ने इस मामले में तत्कालीन जिम्मेवार अधिकिरियो को ऋण माफी पत्र ना बांटने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी।।

क्या है पूरा मामला

दरअसल शहर के बड़नगर मार्ग स्तिथ एक कबाड़ी वाले को इंदौर के एक बैंक द्वारा रद्दी बेची गई। यह आम कागज की रद्दी नहीं है, एसीपी शीट पर बनी किसानों के जय किसान फसल ऋण माफी योजना के मंहगे प्रमाण पत्रों की रद्दी है जिसे पूर्व में आई कांग्रेस सरकार द्वारा किसानो को बांटने के लिए छपवाया गया था। शीट पर तत्कालीन मुख्यमंन्त्री कमलनाथ की तस्वीर है और बड़े शब्दो में किसान सम्मान पत्र लिखा है और नीचे कमलनाथ के हस्ताक्षर है। बात बड़ी इसलिए है क्योंकि सरकार किसानों के ऋण माफी के नाम पर बनी और वादा किया गया कि सबके ऋण 10 दिन में माफ किए जाएंगे। अगर सबके ऋण माफ हुए तो रद्दी में पड़े इन महंगे प्रमाण पत्रों का जिम्मेदार कौन?

वहीं, आज ही कांग्रेस ने कर्ज माफी पर विधानसभा में हंगामा कर वॉकआउट किया है। पूरे मामले में कांग्रेस के प्रदेश सचिव कमल चौहान का कहना है कि योजना में प्रमाण पत्र ना बांटने के जिम्मेदार तत्कालीन आधिकारी है जिन्होंने कार्य को ठीक से नहीं किया। अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कमल चौहान ने कहा कि मैं निंदा करता हूं और सरकार से इसकी निष्पक्ष जांच की भी मांग करता हूं।

आपको बता दें कि आज ही भोपाल में किसान कर्ज माफी के मुद्दे पर कांग्रेस ने विधानसभा से सरकार पर योजना को बंद करने का आरोप लगाते हुए वॉकआउट किया है। विधानसभा में चर्चा के दौरान विपक्षी कांग्रेस ने कर्जमाफी का मुद्दा उठाया था, सरकार पर योजना को बंद करने का आरोप लागया गया तो कृर्षि मंत्री कमल पटेल ने जवाब देते हुए कहा कि मैं पहले किसान हूं और बाद में विद्यायक और मंत्री। विधायकों ने जो भी सुझाव दिए है और मांग रखी है मैं उन्हें पूरा करने की कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश किसानों से ही आत्मनिर्भर होगा, हम छोटे किसानों की मदद कर रहे है। किसान कर्ज माफी किसानों के लिए सिर्फ धोखा था, जिसे सरकार रहते हुए कांग्रेस ने पूरा नहीं किया, अब कांग्रेस सिर्फ झूठी राजनीति कर रही है।

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