भोपाल: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महाआर्यमन सिंधिया को मध्य प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। महानार्यमन सिंधिया ने मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के नए अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया है। इस मौके पर उन्होंने पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया का आशीर्वाद भी लिया। बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया भी पूर्व में MPCA के अध्यक्ष रह चुके हैं।
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कौन हैं महाआर्यमन सिंधिया?
महाआर्यमन सिंधिया ग्वालियर के शाही सिंधिया राजवंश के वारिस हैं और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे हैं। उनका जन्म 17 नवंबर 1995 को हुआ था और उनकी उम्र 2025 तक 29 वर्ष है। वह ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रियदर्शिनी राजे सिंधिया के इकलौते बेटे हैं।
महाआर्यमन ने दून स्कूल, देहरादून से शुरुआती पढ़ाई की और येल यूनिवर्सिटी, अमेरिका से एमबीए की डिग्री हासिल की। उन्होंने राजनीति से हटकर उद्यमिता को चुना और मायमंडी नामक एक कृषि स्टार्टअप की सह-स्थापना की, जो सब्जियों की खरीद, पैकिंग और वितरण पर केंद्रित है। यह स्टार्टअप आगरा, ग्वालियर, नागपुर और जयपुर में सक्रिय है और प्रति माह करोड़ों की कमाई करता है।
2 सितंबर 2025 को उन्हें मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के सबसे युवा अध्यक्ष के तौर पर निर्विरोध चुना गया है। उनके दादा माधवराव सिंधिया और पिता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी MPCA के अध्यक्ष रह चुके हैं, जिससे वह इस भूमिका में तीसरी पीढ़ी हैं।
महाआर्यमन ने 2023 में स्पष्ट किया था कि उनकी अभी राजनीति में प्रवेश करने की कोई योजना नहीं है, लेकिन वह सामाजिक बदलाव के लिए काम करना चाहते हैं। महाआर्यमन ग्वालियर के जय विलास पैलेस में रहते हैं, जिसकी अनुमानित कीमत 4,000 करोड़ रुपये है।
महाआर्यमन सिंधिया शाही विरासत, आधुनिक शिक्षा और सामाजिक-उद्यमी गतिविधियों का मिश्रण हैं, जो क्रिकेट और स्टार्टअप के माध्यम से अपनी पहचान बना रहे हैं। वह सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से जुड़े रहते हैं और हाल ही में यूएई में अबूधाबी के बीएपीएस हिंदू मंदिर के दर्शन के लिए गए थे।