दिवंगत नेता अजित पवार ने एनसीपी के मर्जर का रोडमैप बनाया था। इस पूरे रोडमैप की इनसाईड स्टोरी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, महानगरपालिका चुनाव के पहले दोनो दलों में करीब 7 बैठकें हुई थी। इन बैठकों में दोनो दलों के प्रमुख नेता जैसे जयंत पाटिल, सुप्रिया सुले, शशिकांत शिंदे, प्रफुल पटेल, सुनिल तटकरें, भुजबल सहित अन्य नेता मौजूद रहते थे।
अलग-अलग लड़ने से पार्टी को हो रहा था नुकसान
दोनो दलों के नेताओं को लग रहा था की अलग-अलग लड़ने से पार्टी का नुकसान हो रहा है। पहले की तरह साथ लड़ेंगे तो पूरे महाराष्ट्र में अच्छे नतीजें आ सकतें है। इन बैठकों के दौरान दोनो दलों ने विलय करने के लिए सकारात्मक भुमिका ली।
आखरी बैठक जयंत पाटिल के घर पर हुई थी
इसके बाद महानगरपालिका चुनाव मतदान के कुछ दिन पहले एक आखरी बैठक जयंत पाटिल के घर पर हुई। इस बैठक में अजित पवार सहित दोनों दलों के सभी बड़े नेता मौजूद थे। इस बैठक में तय किया गया की विलय के बारे में शरद पवार को बताया जाएगा।
शरद पवार को भी दी गई थी पार्टी के विलय की जानकारी
इसके बाद सभी नेता शरद पवार से मिले। शरद पवार को विलय की इच्छा के बारे में जानकारी दी गई। इसी बैठक में तय किया गया की जिला परिषद चुनाव में दोनों दलों के उम्मीदवार घड़ी चुनाव चिह्न पर चुनाव लडेंगे। जहां विवाद होगा वहीं तुतारी चिन्ह पर एनसीपी (SP) चुनाव लड़ेगी।
जिला परिषद चुनाव के नतीजों के बाद किया जाना था ऐलान
शरद पवार के साथ इसी बैठक के बाद तय किया गया था कि जिला परिषद चुनाव के नतीजों के बाद आधिकारिक तौर पर दोनों दलों के विलय का ऐलान किया जाएगा।