मुंबईः महाराष्ट्र की 29 महानगर पालिकाओं के लिए गुरुवार को वोटिंग है। इसलिए आखिरी वक्त में जीत पक्की करने के लिए उम्मीदवार हर तरह का फॉर्मूला अपना रहे हैं। किसी ने वाशिंग मशीन गिफ्ट करने की कोशिश की। किसी ने लिफाफे में नोट भर कर वोटर्स तक पहुंचाने का जुगाड़ लगाया। किसी ने मजदूरी के नाम पर कैश बांट दिया। अमरावती, उल्लहासनगर, पिंपरी-चिंचवाड़, जलगांव और वसई-विरार जैसे कई इलाकों से इस तरह की तस्वीरें आईं। मजे की बात ये है कि कैंपेन खत्म होने के बाद भी बुधवार को महाराष्ट्र के कई इलाकों में उम्मीदवार घर घर जाकर कैंपेन करते नजर आए।
वॉशिंग मशीन बांटने की कोशिश
पिंपरी-चिंचवाड़ में टैंपो से उतारी जा रही ये वॉशिंग मशीन मतदाताओं को मुफ्त में बांटी जानी थी लेकिन इससे पहले ही इलेक्शन कमीशन की टीम ने इस टैंपों को पकड़ लिया। पिंपरी चिंचवाड़ वो महानगर पालिका है...जहां महायुति की पार्टियां आमने सामने हैं। अजीत पावर और शरद पवार मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। उनका मुकाबला बीजेपी से है और टक्कर कांटें की है। इसलिए उम्मीदवार जीत का हर फॉर्मूला आजमा रहे हैं लेकिन इलेक्शन कमीशन की टीम्स भी मुस्तैद है। चुनाव आयोग के फ्लाइंग स्क्वॉड को शिकायत मिली थी कि गणराज कॉलोनी में वोटर्स को वॉशिंग मशीनें बांटी जा रही हैं। चुनाव आयोग की टीम मौके पर पहुंची तो एक टैंपो में 19 वॉशिंग मशीन्स मिलीं। जब टैंपो के ड्राइवर और क्लीनर से पूछा गया कि इतनी सारी वॉशिंग मशीन्स किसकी हैं। किसने खरीदी हैं, कहां डिलीवर करना है तो वो कोई जवाब नहीं दे पाए।
10 लाख रुपये बरामद
इसी तरह की तस्वीरें वसई-विरार से आईं। वोटिंग से पहले पुलिस नालासोपारा में गाडियों की चैकिंग कर रही थी। इसी दौरान रात करीब ढ़ाई बजे पुलिस ने दो बाइक सवारों को पकड़ा और उनके पास दस लाख रुपए का कैश बरामद हुआ। इन लोगों ने स्कूटी की डिक्की में Envelop से भरा एक बैग रखा हुआ था। हर Envelop में पांच-पांच सौ रुपये के नोट थे।
शिंदे की पार्टी के उम्मीदवार पर पैसे बांटने के आरोप
जलगांव में एकनाथ शिन्दे की पार्टी के उम्मीदवार पर वोटिंग से पहले लोगों को पैसे बांटने का आरोप लगा। जलगांव के वॉर्ड नंबर 11 से चुनाव लड़ रहे निर्दलीय उम्मीदवार कैलाश हटकर ने कहा कि शिवसेना की उम्मीदवार सरिता माली की तरफ से महिलाओं को पैसे दिए जा रहे हैं। दो हजार रुपए देकर वोट खरीदने की कोशिश हो रही है। कैलाश हटकर ने एक वीडियो भी जारी किया और कहा कि पैसा देने के बाद महिलाओं को EVM के ज़रिए डैमो देकर ये भी समझाया जा रहा है कि शिवसेना को वोट कैसे देना है। हैरानी की बात ये है कि शिवसेना कैंडिडेट सरिता माली ने ये माना है कि उन्होंने महिलाओं को पैसे बांटे लेकिन साथ में सफाई भी दी कि ये पैसा वोट खरीदने के लिए नहीं था। उन्होंने कैंपेन के लिए कुछ महिलाओं को दिहाड़ी पर रखा है। इसलिए उन्हें मजदूरी दी जा रही थी।
रिक्शे से करीब 20 लाख रुपये बरामद
कैश ज़ब्त होने की एक खबर उल्हासनगर से भी आई। सुभाष टेकड़ी इलाके में एक रिक्शे से करीब 20 लाख रुपये बरामद हुए। बताया जा रहा है कि एक अज्ञात युवक रिक्शे में नकदी लेकर जा रहा था, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार नरेश गायकवाड़ को इसकी भनक लग गई। नरेश गायकवाड़ ने रिक्शे का पीछा किया और उसे रुकवाया। तलाशी में कैश से भरा बैग बरामद हुआ। इसके बाद रिक्शा चला रहे युवक को पुलिस चौकी ले जाया गया।
EVM में गड़बड़ी हुई तो PADU मशीन का इस्तेमाल
इस बार लोकल बॉडी इलेक्शन में EVM का इस्तेमाल होगा। इसलिए चुनाव आयोग ने एक और कदम उठाया है। अगर काउंटिंग के दौरान किसी EVM में कोई टैक्ननिकल ग्लिच आता है तो काउंटिंग के लिए P.A.D.U मशीन का सहारा लिया जाएगा। देश में चुनाव के इतिहास में ये पहला मौका है जब इन मशीन को काउंटिंग सेंटर में रखा जाएगा। इस मशीन का पूरा नाम है Printing Auxiliary Display Units। इलेक्शन कमीशन के मुताबिक ये मशीन EVM से जोड़ी जाएगी।
इस सिस्टम से कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को जोड़ने के आदेश जारी किए गए हैं। अगर कंट्रोल यूनिट का डिस्प्ले अचानक बंद हो जाता है, तो ये मशीन काम आएंगी लेकिन राज ठाकरे को इसमें चुनाव आयोग की साजिश नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव आयोग को नई मशीन जोड़नी थी तो राजनीतिक दलों को इसके बारे में पहले बताना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे लग रहा है कि दाल में कुछ काला है।