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डोर टू डोर सर्वे में 7 लाख लोगों में दिखाई दिए बुखार, सर्दी और खांसी के लक्षण

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : May 11, 2021 05:42 pm IST,  Updated : May 11, 2021 07:02 pm IST

राजस्थान में कोरोना पहले ही दो लाख पॉजिटिव मामलों को पार कर लिया है, वहीं अब राज्य में 7 लाख से अधिक लोगों में डोर टू डोर अभियान के दौरान बुखार, सर्दी और खांसी के लक्षणों की पहचान की गई है और उन्हें चिकित्सा प्रदान की जा रही है।

Rajasthan Door To Door Survey: 7 Lakh Show Fever, Cold And Cough Symptoms- India TV Hindi
गांवों में फैल रहे संक्रमण की जांच के लिए डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है। Image Source : PTI

जयपुर: राजस्थान में कोरोना पहले ही दो लाख पॉजिटिव मामलों को पार कर लिया है, वहीं अब राज्य में 7 लाख से अधिक लोगों में डोर टू डोर अभियान के दौरान बुखार, सर्दी और खांसी के लक्षणों की पहचान की गई है और उन्हें चिकित्सा प्रदान की जा रही है। ये जानकारी राज्य के सचिव, चिकित्सा और स्वास्थ्य, सिद्धार्थ महाजन के हवाले से मिली है। सोमवार रात को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में आयोजित कोविड समीक्षा बैठक के दौरान महाजन ने कहा, अगर राजस्थान में संक्रमण की समान दर जारी रहती है, तो कोविड के मामले 26 दिनों में दोगुने हो जाएंगे।

उन्होंने कहा कि गांवों में फैल रहे कोरोना संक्रमण की जांच के लिए डोर टू डोर सर्वे किया जा रहा है। इस अवसर पर बोलते हुए, गहलोत ने विधायकों और पंचायत राज प्रतिनिधियों को संयुक्त रूप से कहा कि वे कोरोना वायरस की श्रृंखला को तोड़ने के लिए लॉकडाउन का कड़ाई से कार्यान्वयन करें।

कोविड ने ग्रामीण परिवेश में प्रवेश किया है और एक खतरनाक दर पर फैल रहा है। स्थिति चिंताजनक है और इसलिए हम सभी को कोविड के दिशानिदेशरें का पालन करने की आवश्यकता है। विपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि ये कठिन समय हैं और हर किसी को कोविड के खिलाफ युद्ध लड़ने के लिए राजनीति से ऊपर उठना होगा।

वहीं, सीकर जिले में एक बुजुर्ग महिला के अंतिम संस्कार के लिए किसी पड़ोसी के मदद के लिए आगे नहीं आने पर एक महिला तहसीलदार ने यह जिम्मा उठाया और परिवार की मदद की। यह वाकया सीकर जिले के धोद कस्बे में हुआ। जहां बुजुर्ग महिला सायर कंवर का सोमवार को निधन हो गया। घर में उसके बुजुर्ग पति व दो नाबालिग पोते थे। बुजुर्ग ने आस पड़ोस के लोगों से महिला के अंतिम संस्कार में मदद की गुहार की लेकिन कोई आगे नहीं आया। 

लोगों को आशंका था कि महिला शायद कोरोना वायरस से संक्रमित रही होंगी। इस बीच किसी ने इसकी जानकारी तहसीलदार रजनी यादव को दी। वह बुजुर्ग के घर पहुंचीं और स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों से एम्बुलेंस मुहैया कराने का अनुरोध किया लेकिन करीब दो घंटे तक कोई एम्बुलेंस नहीं भेजी गई। इसके बाद में यादव ने एक निजी वाहन की व्यवस्था की और महिला के पति और दो नाबालिग पोतों के साथ शव को दाह संस्कार के लिए ले गईं। 

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