राजस्थान के उदयपुर जिले के उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से लगातार तीसरी बार निर्वाचित विधायक फूलसिंह मीणा का शिक्षा के प्रति जज्बा अनुकरणीय है। 15 साल की आयु में आर्थिक अभावों के कारण पढ़ाई छोड़ने वाले मीणा ने अपनी बेटियों की प्रेरणा से दोबारा पढ़ाई शुरू की। अब वह क्षेत्र की बेटियों के लिए शिक्षा के सबसे बड़े प्रेरणास्त्रोत बन कर उभरे हैं। जनजाति परिवार से आने वाले फूलसिंह मीणा ने 15 वर्ष की आयु में आर्थिक अभाव एवं संघर्षों के चलते पढ़ाई छोड़ दी थी। बाद में अपनी बेटियों की प्रेरणा और प्रोत्साहन से 40 वर्ष बाद 55 वर्ष की उम्र में दोबारा पढ़ाई शुरू की और बी.ए. की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने एमए करने की ठानी।
मीणा ने 68 वर्ष की आयु में जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से एम.ए. राजनीति विज्ञान में अंतिम वर्ष की परीक्षा दी। विधायक मीणा ने बताया कि उनका सपना पीएचडी की पढ़ाई कर डॉक्टर की उपाधि अपने सैनिक पिता को समर्पित करने का है। विधायक मीणा का यह जज्बा पूरे देश के विद्यार्थियों के लिए आदर्श है।
विधानसभा में हमेशा 100 प्रश्न पूछते हैं मीणा
विधायक मीणा अपने सारे राजनीतिक उत्तरदायित्व को प्रण-प्राण से पूरा करते हैं। परीक्षा केंद्र के बाहर अन्य विद्यार्थियों के साथ परीक्षा प्रारंभ होने का इंतजार करते विधायक फूलसिंह मीणा हर समय सक्रिय रहते हैं। जनता के लिए हर समय सुलभ रहते हैं। विधानसभा में प्रश्न काल में प्रश्न पूछने के मामले में हमेशा 100 प्रश्न पूछ कर शतकवीर रहते हैं। इतनी व्यस्तताओं के बावजूद विधायक मीणा शिक्षा के पथ पर निरंतर अग्रसर रहते हुए एमए बेटियों से प्रेरणा पाकर स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी करने के करीब हैं।

स्पीकर पैनल में शामिल हैं विधायक मीणा
विधायक मीणा विधानसभा के स्पीकर पैनल में शामिल हैं और लगातार दूसरी बार विधानसभा की जनजाति कल्याण समिति के सभापति भी हैं। साथ ही वह आरएससीईआरटी की गवर्निंग काउंसिल में भी शामिल है। राधास्वामी के अनुयायी एवं बाबाजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों के शिष्य विधायक मीणा अपनी फिटनेस और ड्रेस कोड के लिए भी लोकप्रिय है।
शिक्षा के प्रति जोश व जुनून अनुकरणीय
विधायक की शिक्षा में सहयोगी प्राचार्य संजय लुणावत ने बताया कि विधायक मीणा जनता के प्रति अपने उत्तरदायित्व पूर्ण निष्ठा से निभाते हैं। शिक्षा के प्रति उनका जोश व जुनून अनुकरणीय है। विधायक मीणा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना से प्रभावित होकर अनूठी पहल की। इसमें वे प्रति वर्ष अपने क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत एवं वार्ड से सभी वर्गों की कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं में सर्वाधिक अंक लाने वाली बेटियों को निःशुल्क हवाई यात्रा कराते हैं।
(उदयपुर से भगवान प्रजापत की रिपोर्ट)
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