अगर आप नौकरीपेशा हैं और हर महीने आपकी सैलरी से पीएफ कटता है, तो आपके लिए राहत भरी खबर है। EPFO ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर 8.25% ब्याज दर तय करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। खास बात यह है कि यह दर पिछले साल की तरह ही बरकरार रखी गई है।
ये फैसला EPFO की सबसे बड़े फैसले लेने वाली बॉडी, सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की 239वीं मीटिंग में लिया गया। लेबर और एम्प्लॉयमेंट मिनिस्टर मनसुख मंडाविया ने आज हुई इस मीटिंग की अध्यक्षता की।
ईपीएफओ का वो खाता निष्क्रिय माना जाता है, जिसमें 36 महीने से भी ज्यादा समय तक कर्मचारी या नियोक्ता की ओर से कोई अंशदान जमा नहीं हुआ हो।
देशभर के लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर आई है। सरकार ने इनऑपरेटिव पड़े पीएफ खातों में जमा अनक्लेम्ड रकम को वापस लौटाने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल से करीब 31 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है।
देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। EPFO वित्त वर्ष 2025-26 में भी EPF पर 8.25% ब्याज दर बरकरार रख सकता है। अगर 2 मार्च को होने वाली बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो यह लगातार तीसरा साल होगा जब सब्सक्राइबर्स को 8.25% का रिटर्न मिलेगा।
ईपीएफओ एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च करेगा, जिसके जरिए ईपीएफओ सब्सक्राइबर्स यूपीआई गेटवे का इस्तेमाल कर पैसे निकालने के साथ ही पासबुक बैलेंस जैसी अन्य सेवाओं का भी लाभ उठा सकेंगे।
महंगाई बढ़ रही है, दवाइयां महंगी हो चुकी हैं और रोज़मर्रा का खर्च भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ऐसे हालात में देश के लाखों EPS-95 पेंशनर्स आज भी सिर्फ 1000 रुपये महीने की पेंशन पर गुजारा कर रहे हैं। काफी समय से पेंशन बढ़ाने की मांग की जा रही है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) एक बड़े टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन की तैयारी कर रहा है, जिसे EPFO 3.0 नाम दिया गया है। इस नए चरण का मकसद सिर्फ सिस्टम अपग्रेड करना नहीं, बल्कि ईपीएफओ को अगले दस वर्षों की जरूरतों के लिए पूरी तरह फ्यूचर-रेडी बनाना है।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि मौजूदा वेतन सीमा आज की आर्थिक परिस्थितियों और बढ़ती सैलरी संरचना के मुताबिक नहीं है। ईपीएफओ की एक समिति पहले ही सिफारिश कर चुकी है और अब इस पर अंतिम फैसला लेने के लिए सिर्फ केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
याचिकाकर्ता के वकील प्रणव सचदेवा और नेहा राठी ने अपनी दलील में कहा कि देश के कई हिस्सों में न्यूनतम वेतन इस लिमिट से ज्यादा होने के बावजूद ईपीएफ की सैलरी लिमिट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
EPFO ने नौकरी बदलने से जुड़े नियमों को आसान बनाते हुए साफ किया है कि अब दो नौकरियों के बीच 60 दिनों तक का अंतर होने पर भी कर्मचारी की सेवा को लगातार सेवा माना जाएगा। यानी अगर कोई कर्मचारी एक कंपनी छोड़ने के बाद 60 दिनों के भीतर दूसरी नौकरी जॉइन करता है, तो उसकी सर्विस ब्रेक नहीं मानी जाएगी।
कर्मचारियों के भविष्य निधि (EPF) और पेंशन योजना (EPS) के नियमों में बदलाव को लेकर हाल ही में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जैसे ही ये नई गाइडलाइंस सामने आईं, सोशल मीडिया पर विरोध के स्वर तेज हो गए।
ईपीएफओ की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इससे करीब 30 करोड़ ईपीएफओ मेंबर्स को बड़ी राहत और सुविधा मिलेगी।
ईपीएफ नियमों को ज्यादा लचीला और जीवन के अलग-अलग मोड़ पर मेंबर्स की फाइनेंशियल जरूरतों के हिसाब से बनाने की व्यापक कोशिशों लगातार जारी हैं।
यह पहल एक ही लॉगिन में सभी मुख्य सेवाओं को उपलब्ध कराकर यूजर एक्सपीरियंस में सुधार लाएगी। हालांकि सदस्य विस्तृत और ग्राफिकल जानकारी के लिए पुराने पासबुक पोर्टल का उपयोग भी जारी रख सकते हैं।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नियोक्ता और पहली बार नौकरी करने वाले कर्मचारी इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन या ‘उमंग’ ऐप पर अपना UAN डालकर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
UPSC EPFO भर्ती के लिए चल रहे एप्लीकेशन प्रोसेस को जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। उम्मीदवार नीचे खबर में दिए गए डायरेक्ट लिंक के जरिए अपने आवेदन पत्र को जमा कर सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकासशील भारत रोजगार योजना की शुरुआत की घोषणा की, जिससे अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
ईपीएफओ ने अपने अंशधारकों को सहूलियत देने के लिए हाल के दिनों में कई कदम उठाए हैं। इससे करोड़ों पीएफ अकाउंट होल्डर को बड़ी राहत मिली है।
ईपीएफ स्कीम, 1952 के पैरा 68-बीडी के नियमों में बदलाव के बाद, ईपीएफओ अंशधारकों के पास अब अपने पैसे के इस्तेमाल करने के लिए कई विकल्प मिल गए हैं।
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