गुरुग्राम में 10 करोड़ रुपये और इससे ज्यादा कीमत वाले लग्जरी घरों की बिक्री साल 2025 में लगभग तीन गुना होकर 1494 यूनिट पर पहुंच गई, जो 2024 में सिर्फ 519 यूनिट रही थी।
बॉलीवुड अभिनेता अभिषेक बच्चन की इस प्रॉपर्टी को ऋषि मंडावत और स्मिता मेहता ने खरीदा है। इस प्रॉपर्टी में तीन कार पार्किंग भी शामिल है।
जानकार का कहना है कि टियर-2 शहर अब भारतीय रियल एस्टेट बाजार में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कुल मिलाकर, रिपोर्ट से पता चलता है कि टियर-2 बाजार में 'प्रीमियमाइजेशन' का ट्रेंड मजबूत हो रहा है, जहां मात्रा कम लेकिन मूल्य स्थिर या बढ़ रहा है।
डिजिटल क्रांति निवेश को न सिर्फ आसान और तेज बना रही है, बल्कि इसे ज्यादा सुरक्षित और डेटा-ड्रिवन भी बना रही है। सरकारी पहलें, जैसे टोकनाइजेशन और कैशलेस स्ट्रैटेजी (2026 तक 90% ट्रांजेक्शंस डिजिटल), ने बाजार को और मजबूत किया है।
दिल्ली-एनसीआर सहित अन्य क्षेत्रों में घर खरीदारों को 12-15 वर्षों से अपने घरों का कब्जा नहीं मिला है। सालों से वह इसके इंतजार में हैं, जो लंबे समय से आर्थिक और भावनात्मक संकट से गुजर रहे हैं।
भारत के रेजिडेंशियल रियल एस्टेट बाजार में एक बड़ा और स्थायी बदलाव देखने को मिल रहा है। कभी जहां 2BHK और किफायती घरों की सबसे ज्यादा मांग हुआ करती थी, अब वही खरीदार ज्यादा स्पेस, बेहतर लाइफस्टाइल और लॉन्ग-टर्म वैल्यू की तलाश में 3BHK और उससे बड़े घरों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।
देश के 8 प्रमुख शहरों में घरों की बिक्री 2025 में करीब 1 प्रतिशत घटकर 3,48,207 हो गई। ये आंकड़े सिर्फ प्राथमिक आवासीय बाजार से संबंधित हैं।
2025 का वर्ष भारतीय प्रॉपर्टी मार्केट के लिए मिले-जुले नतीजे लेकर आया, जहां मांग में गिरावट के बावजूद संपत्ति के मूल्य में स्थिर वृद्धि हुई। यह दर्शाता है कि बाजार के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग प्रभाव पड़े हैं और आने वाले साल में आर्थिक नीति और वैश्विक परिस्थितियां इस क्षेत्र को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रॉपइक्विटी का कहना है कि पारंपरिक रूप से अक्टूबर-दिसंबर का समय त्योहारों के चलते बिक्री और नए लॉन्च के लिए मजबूत माना जाता है। हालांकि, हालिया गिरावट इस बात को दर्शाती है कि बाजार में ‘प्रीमियमाइजेशन’ की तरफ रुझान बढ़ा है।
घर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सबसे बेसिक मैटेरियल्स में ईंट, बालू, गिट्टी, सीमेंट, स्टील जैसी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा, घर बनाने में लेबर का खर्च भी काफी अहम होता है।
'कर्मयोगी आवास योजना' नाम से आई इस हाउसिंग स्कीम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और विस्तृत ब्रोशर उपलब्धता 19 दिसंबर 2025 से होगी। योजना का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों को रियायती दरों पर आवास प्रदान करना है।
अलग-अलग शहरों में बिक्री के लिए उपलब्ध इन फ्लैटों का एरिया 28.20 वर्ग मीटर से लेकर 253.63 वर्ग मीटर है।
मुंबई का प्रॉपर्टी बाजार इन दिनों जबरदस्त उछाल पर है। ऐसा लग रहा है मानो शहर में घर खरीदना लोगों का नया जुनून बन गया हो। रजिस्ट्रेशन सेंटर के बाहर लगी लंबी कतारें इस बात का सबूत हैं कि मुंबई में प्रॉपर्टी खरीदने का क्रेज लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
नियामकीय जानकारी में NBCC ने बताया कि इन यूनिट्स की कुल बिक्री कीमत 1,069.43 करोड़ रुपये रही। अटके हुए घर खरीदारों को राहत पहुंचाने की दिशा में एक अहम कदम है।
डीडीए से मिली जानकारी के मुताबिक, ये फ्लैट्स दिल्ली के नरेला, रोहिणी, रामगढ़ कॉलोनी और शिवाजी मार्ग में उपलब्ध हैं।
यह लेटेस्ट रिपोर्ट बताती है कि भारत के प्रमुख शहरों में आवासीय बाजार लगातार मज़बूत हो रहा है। प्रॉपर्टी की कीमतों में यह स्थिर वृद्धि बताती है कि खरीदारों का भरोसा और निवेशकों की दिलचस्पी अभी भी रियल एस्टेट सेक्टर में बरकरार है।
UPAVP के लखनऊ में कुल 5 प्रोजेक्ट हैं, जिनमें से 4 प्रोजेक्ट में 1 BHK फ्लैट उपलब्ध हैं। इन फ्लैटों की शुरुआती कीमत 11.69 लाख रुपये से लेकर 16.33 लाख रुपये है।
UPAVP फ्लैट्स की शुरुआती कीमत महज 8.62 लाख रुपये है। 8.62 लाख रुपये में आप 1 BHK फ्लैट खरीद सकते हैं, जिसका साइज 32.95 वर्ग मीटर है।
इस नए सिस्टम के लागू होने से रजिस्ट्री की पुरानी और थका देने वाली प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। यह नई व्यवस्था प्रॉपर्टी रजिस्ट्री को एक सहज और परेशानी मुक्त अनुभव बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।
रियल एस्टेट कंसल्टेंट के अनुसार, करीब 1.27 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश में से घरेलू निवेशकों ने 76.24 लाख अमेरिकी डॉलर (60 प्रतिशत हिस्सा) का निवेश किया जबकि विदेशी निवेशकों ने 50.71 लाख अमेरिकी डॉलर का योगदान दिया।
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