भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने कमाल कर दिया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने वनडे विश्व कप का खिताब अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की है। रविवार को खेले गए विश्व कप के फाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रन से हरा दिया और पहली बार ये खिताब अपने नाम कर लिया। इस बीच मैच के दौरान एक ऐसा कैच लिया गया, जो आने वाले कई साल तक या फिर यूं कहें की युगों तक याद रखा जाएगा तो गलत नहीं होगा।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में टीम इंडिया ने जीता खिताब
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने जो कारनामा किया, वो आसान नहीं था। ये बात इससे समझी जा सकती है कि इससे पहले जो 12 विश्व कप हुए हैं, उसमें ज्यादातर बार ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड ने ही बाजी मारी है। एक बार न्यूजीलैंड की टीम भी विश्व कप जीती है। भारतीय टीम ने सेमीफाइनल तक का तो सफर आसानी से तय कर लिया, लेकिन उसके बाद असली परीक्षा होनी थी। उस वक्त सभी की पेशानी पर बल थे, जब पता चला कि टीम इंडिया का सेमीफाइनल ऑस्ट्रेलिया से होगा। यही वो मैच था, जो टीम इंडिया के लिए सबसे कठिन था। ये बाधा भी भारत ने पार कर ली।
भारतीय टीम ने रखा था 299 रनों का लक्ष्य
इसके बाद सजा फाइनल का मंच और सामने थी साउथ अफ्रीका की मजबूत टीम। पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 298 रन बना दिए। वैसे तो ये स्कोर काफी था, लेकिन साउथ अफ्रीका को भी हल्के में नहीं लिया जा सकता था। भले ही लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका के विकेट एक छोर से गिरते रहे हों, लेकिन कप्तान लौरा वोल्वार्ड्ट शानदार खेल दिखा रही थी।
लौरा वोल्वार्ड्ट ने लगाया दमदार शतक, लेकिन टीम को मिली हार
ऐसा लग रहा था कि विश्व कप की ट्रॉफी और भारत के बीच यही वो खिलाड़ी है, जो दीवार बनकर खड़ी है। पहले उन्होंने अपना शतक पूरा किया, लेकिन जैसे ही उससे अपनी पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की दीप्ति शर्मा ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। लौरा वोल्वार्ड्ट को आउट करने के लिए अमनजोत कौर ने एक शानदार कैच लपका और इसी के साथ तय हो गया कि अब कुछ ही देर बाद टीम इंडिया वर्ल्ड कप चैंपियन बन जाएगी। हालांकि इसके बाद जो एक और कैच लिया गया, उसे आने वाले कई साल तक याद रखा जाएगा, ये कैच किसी और ने नहीं, बल्कि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने लिया और इतिहास रच दिया।
हरमनप्रीत कौर ने पकड़ा मैच का आखिरी कैच
साउथ अफ्रीका का आखिरी विकेट नादिन डी क्लर्क के रूप में गिरा, जो 19 बॉल पर 18 रन बना चुकी थी। वैसे तो भारतीय टीम की जीत पहले ही पक्की हो चुकी थी, लेकिन इस पर मोहर नादिन डी क्लर्क के आउट होने के बाद लगी। दीप्ति शर्मा की गेंद पर इस बार कप्तान हरमनप्रीत कौर ने हरमन ने एक्स्ट्रा कवर पर कूदकर उसे दोनों हाथों से कैच पकड़ा और इसी के साथ पूरी टीम इंडिया और पूरा देश आधी रात को जश्न के माहौल में डूब जाता है। जब भी महिला विश्व कप जीतने की बात होगी तो इस कैच का जिक्र हमेशा किया जाएगा।
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