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Tokyo Olympics Day 1 : मीराबाई चानू ने रचा इतिहास, हॉकी ने जगायी उम्मीद, निशानेबाजों ने किया निराश

 Reported By: Bhasha
 Published : Jul 24, 2021 07:32 pm IST,  Updated : Jul 24, 2021 09:42 pm IST

वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्योओलंपिक खेलों की प्रतिस्पर्धा के पहले दिन ही रजत पदक जीतकर भारतीय खेलों में नया इतिहास रचा जबकि पुरुष हॉकी टीम और टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने सकारात्मक शुरुआत की लेकिन निशानेबाजी, मुक्केबाजी और तीरंदाजी में भारत को शनिवार को निराशा हाथ लगी।

Tokyo Olympics Day 1: Mirabai Chanu created history, hockey raised hopes, shooters disappointed- India TV Hindi
Tokyo Olympics Day 1: Mirabai Chanu created history, hockey raised hopes, shooters disappointed Image Source : GETTY IMAGES

टोक्यो। वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने टोक्योओलंपिक खेलों की प्रतिस्पर्धा के पहले दिन ही रजत पदक जीतकर भारतीय खेलों में नया इतिहास रचा जबकि पुरुष हॉकी टीम और टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने सकारात्मक शुरुआत की लेकिन निशानेबाजी, मुक्केबाजी और तीरंदाजी में भारत को शनिवार को निराशा हाथ लगी। 

चानू ने महिलाओं के 49 किग्रा में 202 किग्रा (87 किग्रा + 115 किग्रा) भार उठाकर ओलंपिक की भारोत्तोलन स्पर्धा में पदक के लिये भारत का 21 वर्ष का इंतजार खत्म किया। पांच साल पहले रियो ओलंपिक में निराशाजनक परिणाम हासिल करने वाली चानू की इस ऐतिहासिक जीत से भारत पदक तालिका में एक समय दूसरे स्थान पर पहुंच गया था। यह पहला अवसर है जबकि किसी भारतीय ने प्रतियोगिता के पहले दिन पदक जीता। इससे भारत अभी पदक तालिका में संयुक्त 12वें स्थान पर है। 

चीन तीन स्वर्ण सहित चार पदक जीतकर शीर्ष पर है। चानू से पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने सिडनी ओलंपिक 2000 में भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीता था। चानू ने बाद में कहा, ‘‘मैं बहुत खुश हूं, मैं पिछले पांच वर्षों से इसका सपना देख रही थी। इस समय मुझे खुद पर गर्व महसूस हो रहा है। मैंने स्वर्ण पदक की कोशिश की लेकिन रजत पदक भी मेरे लिये बहुत बड़ी उपलब्धि है। ’’ 

भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने न्यूजीलैंड को रोमांचक मैच में 3-2 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने फिर से बेहतरीन खेल दिखाकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभायी। न्यूजीलैंड के लिये पहला गोल छठे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ केन रसेल ने दागा। रूपिंदर पाल सिंह ने दसवें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल करके भारत को बराबरी दिलायी। हरमनप्रीत सिंह ने 26वें और 33वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किये जबकि न्यूजीलैंड के लिये 43वें मिनट में स्टीफन जेनिस ने दूसरा गोल दागा। भारतीय महिला हॉकी टीम का आगाज हालांकि बेहद निराशाजनक रहा। उसे पहले मैच में ही नीदरलैंड से 5-1 से करारी हार का सामना करना पड़ा।

टेनिस कोर्ट पर सुमित नागल ओलंपिक में पुरूष एकल स्पर्धा में जीत दर्ज करने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने। उन्होंने डेनिस इस्तोमिन को दो घंटे 34 मिनट तक चले मैच में 6-4, 6-7, 6-4 से हराया। दूसरे दौर में उनका सामना दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी दानिल मेदवेदेव से होगा। 

भारत को सबसे अधिक निराशा निशानेबाजी में लगी। सौरभ चौधरी पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल के क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहने के बावजूद पदक नहीं जीत पाये। वह फाइनल में सातवें स्थान पर रहे। इस स्पर्धा में एक अन्य भारतीय अभिषेक वर्मा तो आठ खिलाड़ियों के फाइनल में भी जगह नहीं बना पाए और 575 अंक के साथ 17वें स्थान पर रहे। चौधरी क्वालीफिकेशन में 586 अंक बनाकर शीर्ष पर रहे थे लेकिन फाइनल में 137.4 अंक बनाकर आखिर में उन्हें सातवें स्थान से संतोष करना पड़ा। 

महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में ओलंपिक में पदार्पण कर रही इलावेनिल वालारिवन और अपूर्वी चंदेला फाइनल्स में भी जगह नहीं बना सकी। ये दोनों अकासा रेंज पर क्रमश: 16वें और 36वें स्थान पर रहीं। 

मुक्केबाजी में शनिवार को भारत के एकमात्र मुक्केबाज विकास कृष्ण (69 किग्रा) रिंग पर उतरे लेकिन उन्हें जापान के सेवोनरेट्स क्विन्सी मेनसाह ओकाजावा के खिलाफ 0-5 की एकतरफा हार का सामना करना पड़ा। इस तरह से इन खेलों में देश की नौ सदस्यीय टीम की शुरुआत निराशाजनक रही।

तीरंदाजी में मिश्रित युगल में दीपिका कुमारी और प्रवीण जाधव की जोड़ी ने चीनी ताइपै को हराया लेकिन दक्षिण कोरिया के खिलाफ 2-6 की हार के दौरान भारतीय जोड़ी बिलकुल भी लय में नहीं दिखी। 

कोरिया की शीर्ष वरीय टीम के उम्मीद के मुताबिक नहीं खेलने के बावजूद दीपिका और जाधव को हार झेलनी पड़ी टेबल टेनिस और बैडमिंटन में भारत के लिये आज का दिन मिश्रित सफलता वाला रहा। अचंत शरत कमल और मनिका बत्रा के मिश्रित युगल वर्ग के अंतिम 16 में हारने से भारत का टेबल टेनिस अभियान निराशाजनक तरीके से शुरू हुआ। मनिका और सुतिर्था बनर्जी ने हालांकि एकल मुकाबले जीतकर भारतीय खेमे में खुशी लौटायी। 

शरत कमल और मनिका की भारतीय जोड़ी को तीसरी वरीयता प्राप्त चीनी ताइपै के लिन युन जू और चेंग आई चिंग से 0-4 से हार का सामना करना पड़ा। दुनिया की 62वें नंबर की खिलाड़ी मनिका ने ब्रिटेन की 94वीं रैंकिंग की खिलाड़ी टिन टिन हो को एकल में 4-0 से हराया जबकि 98वीं रैंकिंग की सुतिर्था ने स्वीडन की 78वीं रैंकिंग की लिंडा बर्गस्ट्रोम को हराया।

सुतिर्था का सामना अब दूसरे दौर में पुर्तगाल की फु यु से जबकि मनिका का यूक्रेन की 32वीं रैंकिंग की मार्गिटा पेसोत्स्का से होगा। बैडमिंटन में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने ग्रुप ए में दुनिया की तीसरे नंबर की जोड़ी चीनी ताइपै के यांग ली और ची लिन वैंग को कड़े मुकाबले में 21-16, 16-21, 27- 25 से हराया। 

पुरुष एकल में हालांकि बी साई प्रणीत को इस्राइल के निचली रैंकिंग वाले मीशा जिल्बरमैन से 17-21 15-21 से हार झेलनी पड़ी। जूडो में भारत की एकमात्र जुडोका सुशीला देवी (48 किग्रा) अपने पहले मुकाबले में ही हंगरी की इवा सेरनोविज्की से हार गई।

नौकायन में अरविंद सिंह और अर्जुन लाल जाट तोक्यो ओलंपिक में पुरूषों की लाइटवेट डबलस्कल्स स्पर्धा में अपनी हीट में पांचवें स्थान पर रहकर रेपेशाज दौर में पहुंच गये । दूसरी हीट में उतरी भारतीय जोड़ी ने छह टीमों की स्पर्धा में 6 : 40.33 का समय निकाला और सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकी।

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