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Facebook, Instagram यूज करने के लिए देने होंगे पैसे? Meta की नई पॉलिसी से टेंशन में यूजर्स

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Mar 31, 2025 03:22 pm IST,  Updated : Mar 31, 2025 03:22 pm IST

Facebook, Instagram जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने के लिए यूजर्स को अब पैसे देने पड़ सकते हैं। मेटा की इस नई पॉलिसी से लाखों यूजर्स पर असर पड़ सकता है।

Insatgram, Facebook- India TV Hindi
इंस्टाग्राम, फेसबुक Image Source : FILE

Facebook, Instagram यूजर्स को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने के लिए अब मंथली चार्ज देना पड़ सकता है। मेटा की नई पॉलिसी ने करोड़ों यूजर्स की टेंशन बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, Meta ने यूरोपीयन यूनियन के यूजर्स के लिए मंथली फीस चार्ज करने का फैसला किया है। इसके लिए यूजर्स से फेसबुक और इंस्टाग्राम इस्तेमाल करने के लिए हर महीने 14 डॉलर यानी लगभग 1,190 रुपये चार्ज किया जाएगा। हालांकि, यह चार्ज उन यूजर्स से लिया जाएगा, जो मेटा के इन दोनों प्लेटफॉर्म पर ऐड नहीं देखना चाहते हैं।

आम यूजर्स के लिए फेसबुक और इंस्टाग्राम के इस्तेमाल के लिए कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। पिछले सप्ताह आई रिपोर्ट के मुताबिक, मेटा फेसबुक और इंस्टाग्राम के लिए कॉम्बो ऑफर भी पेश कर सकती है, जिसके लिए यूजर्स को हर महीने 17 डॉलर यानी लगभग 1,445 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। हालांकि, यह केवल डेस्कटॉप पर काम करेगा।

इस वजह से लिया फैसला

सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, Meta ने यह फैसला यूरोपीय यूनियन द्वारा टेक कंपनियों के खिलाफ की गई सख्ती की वजह से लिया है। हाल ही में यूरोपीय यूनियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को ऑनलाइन हिस्ट्री और एक्टिविटी के आधार पर ऐडवर्टिजमेंट नहीं दिखाने का आदेश दिया है। फ्री वर्जन में यूजर्स को ऐडवर्टिजमेंट्स दिखाए जाते हैं, जिसके जरिए Meta, Google जैसी कंपनियों की कमाई होती है। इन कंपनियों ने पिछले एक दशक से इस मॉडल के जरिए अरबों रुपये की कमाई की है।

हालांकि, फेसबुक ने कहा है कि यूजर्स को ऐडवर्टिजमेंट्स दिखाए जाने से पहले उनसे कंसेंट यानी सहमति ले ली जाएगी। बिना सहमति के किसी भी यूजर को कंपनी प्रिफर्ड ऐड पुश नहीं करेगी। अमेरिकी सरकार ने भी सोशल मीडिया कंपनियों से यूजर्स को उनकी एक्टिविटी के हिसाब से ऐड टारगेट करने के लिए पूछताछ की है। यूरोपीय यूनियन ने कंपनियों पर ऐसा करने के लिए भारी जुर्माना लगाए जाने की बात कही है।

क्या है SNA मॉडल?

ऐडवर्टिजमेंट की नई पॉलिसी के बाद टेक कंपनी को अपने यूजर्स से रेवेन्यू कमाने के लिए सब्सक्रिप्शन बेचना होगा। हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब सोशल मीडिया कंपनियों ने पेड मॉडल की बात कही हो। इससे पहले 2023 में भी ऐसा की एक प्रस्ताव लाया गया था। अब यह पूरी तरह से यूरोपीय यूनियन पर निर्भर करता है कि वो मेटा को सब्सक्रिप्शन नो ऐड्स (SNA) मॉडल लाने के लिए प्रेरित करे।

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