Heatwave की वजह से मोबाइल सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं? जी हां, इन दिनों टेलीकॉम कंपनियों के लिए हीटवेव सबसे बड़ा टेंशन बना हुआ है। मोबाइल सेवाएं जारी रखने से लेकर नेटवर्क एक्सपेंशन तक पर इसका असर है। इन दिनों पूरे उत्तर भारत में जबरदस्त गर्मी पड़ रही है और आने वाले दिनों में गर्मियों से निजात मिलने की संभावना काफी कम है। मौसम विभाग के मुताबिक, मई और जून में जबरदस्त हीटवेब चलने की संभावना है। टेलीकॉम कंपनियों Airtel, Jio, BSNL और Vi (Vodafone-Idea) के लिए यह एक बुरी खबर है।
सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स का मानना है कि गर्मियां बढ़ने की वजह से टेलीकॉम कंपनियों के लिए मोबाइल सेवाएं सुचारू तौर पर जारी रखना और नेटवर्क एक्सपेंशन सबसे बड़ा टेंशन बना हुआ है। हीटवेव जारी रहने और गर्मी बढ़ने की वजह से मोबाइल टावर की 24*7 सर्विस जारी रखने के लिए AC लगाने की जरूरत है। इसका खर्च टेलीकॉम कंपनियों के रेवेन्यू पर एक और अतिरिक्त बोझ बन सकता है। इसके अलावा ज्यादा गर्मी होने की वजह से टावर इंस्टॉलेशन का काम भी तेजी से नहीं हो पाएगा।
देश के दूरस्थ इलाकों में जहां पावर कट की समस्या है, वहां पर जेनरेटर लगाने की जरूरत होगी। साथ ही, उसके फ्यूल का खर्चा भी टेलीकॉम ऑपरेटर पर आएगा। इस समय एयरटेल, जियो, वोडाफोन-आइडिया और बीएसएनएल चारों टेलीकॉम कंपनियां अपने टावर को अपग्रेड कर रहे हैं। एयरटेल और जियो अपने सभी टावर को 5G सर्विस के लिए कम्पैटिबल बना रहे हैं। साथ ही, बेहतर कनेक्टिविटी के लिए अतिरिक्त टावर इंस्टॉल कर रहे हैं। वहीं, वोडाफोन-आइडिया भी 5G लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके लिए टावर अपग्रेड करने की प्रक्रिया जारी है।
सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL भी देश में 4G सेवा अगस्त में शुरू करने वाली है। इसके लिए कंपनी 1.9 लाख मोबाइल टावर पूरे देश में लगाने वाली है। यही नहीं, बीएसएनएल अपने सभी टावर को 4G के साथ-साथ 5G के लिए भी कम्पैटिबल बना रही है, ताकि 5G सर्विस को भी भविष्य में लॉन्च किया जा सके। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि हीटवेव और बढ़ती गर्मी की वजह से टावर एक्सपेंशन की प्रक्रिया धीमी हो सकती है। नेटवर्क अपग्रेड धीमी होने की वजह से यूजर्स को मोबाइल कनेक्टिविटी से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
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