Google New Feature: अगर हवाई सफर करते समय आपको लगेज खोने का डर रहता है तो गूगल ने इस डर को दूर करने के लिए एक नया तरीका खोज लिया है और इसे एक नायाब फीचर के तौर पर आपके साथ शेयर कर रहा है। गूगल ने एक नया फीचर पेश किया है, जिससे एंड्रॉयड यूजर्स अपने लगेज की लाइव लोकेशन एयर इंडिया समेत दूसरी एयरलाइंस के साथ शेयर कर सकते हैं, ताकि खोए हुए सामान को ट्रैक करने में मदद मिल सके। यह अपडेट गूगल के लेटेस्ट एंड्रॉयड फीचर रोलआउट का हिस्सा है और कंपनी के गूगल फाइंड हब सिस्टम के जरिए काम करता है।
यह फीचर तभी काम करेगा जब आपके सामान में गूगल के Find Hub नेटवर्क से जुड़ा एक कंपेटिबल ट्रैकिंग टैग लगा हो। सफर के दौरान अगर आपका बैग खो जाता है, तो यूजर्स Find Hub ऐप खोलकर सामान चुन सकते हैं और उसकी लोकेशन शेयर करने का ऑप्शन चुन सकते हैं। ऐसा करने से एक सेफ लिंक बन जाता है जो मैप पर बैग की लाइव लोकेशन दिखाता है। खोए हुए सामान की रिपोर्ट दर्ज करते समय इस लिंक को एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर पेस्ट किया जा सकता है। एक बार एयरलाइन को लिंक मिल जाने पर, उनके कर्मचारी बैग की लोकेशन और उसकी एक्टिविटी को ट्रैक कर सकते हैं। इससे उन्हें यह पता लगाने में मदद मिलती है कि सामान अभी भी एयरपोर्ट पर है, किसी दूसरे टर्मिनल में है, या गलती से किसी दूसरे एयरपोर्ट पर तो नहीं भेज दिया गया है।
गूगल का कहना है कि दस से ज्यादा एयरलाइन्स फिलहाल इस फैसिलिटी का सपोर्ट करती हैं। इस लिस्ट में एयर इंडिया, ए जेट, चाइना एयरलाइंस, सऊदिया एयरलाइंस, स्कैंडिनेवियन एयरलाइंस, टर्किश एयरलाइंस और लुफ्थांसा समूह की एयरलाइनें शामिल हैं। भारत से सफर करने वाले यात्रियों के लिए, एयर इंडिया के पार्टिसिपेशन का मतलब है कि एंड्रॉइड यूजर्स सामान की शिकायत दर्ज करते समय सीधे एयरलाइन के साथ सामान की जगह की जानकारी शेयर कर सकते हैं। गूगल की भविष्य में इस सिस्टम में और ज्यादा एयरलाइन्स को जोड़ने की योजना है।
गूगल का कहना है कि शेयर किए गए लोकेशन डेटा पर यूजर्स का पूरा कंट्रोल रहता है। जनरेट किया गया लिंक सात दिनों के बाद ऑटोमैटिकली खत्म हो जाता है, और यूजर्स किसी भी समय लोकेशन शेयर करना बंद कर सकते हैं। इसके अलावा अगर फोन को पता चलता है कि सामान उसके मालिक को वापस मिल गया है, तो शेयरिंग ऑटोमैटिकली ही बंद हो जाती है। गूगल का कहना है कि Find Hub के जरिए शेयर किया गया लोकेशन डेटा एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का यूज करके सुरक्षित होता है।
सामान ट्रैकिंग सुविधा एंड्रॉइड इकोसिस्टम के अन्य अपडेट के साथ आती है। इनमें गूग मैसेजस के अंदर लोकेशन शेयर करना शामिल है, जो यूजर्स को चैट में अपना रियलटाइम लोकेशन डेटा शेयर करने की अनुमति देता है। गूगल ने लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट के हिस्से के रूप में फाइंड हब सपोर्ट को पिक्सल वॉच तक भी बढ़ा दिया है और एंड्रॉइड ऐप्स और सर्विसेज में कुछ और टूल भी जोड़े हैं।
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