नई दिल्ली: सरकार के साइबर सुरक्षा ऐप ''संचार साथी'' को लेकर बड़ी खबर है। संचार साथी ऐप को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। दूरसंचार विभाग के सूत्रों के मुताबिक, संचार साथी ऐप के डाउनलोड में मंगलवार को 10 गुना की बढ़ोतरी हुई। इसका एवरेज डेली डाउनलोड 60 हजार से बढ़कर लगभग 6 लाख हो गया है। दिलचस्प ये भी है कि संचार साथी ऐप डाउनलोड करने में तेजी ऐसे वक्त में आई है जब कई विपक्षी नेता सभी मोबाइल फोन में इस ऐप को अनिवार्य तौर पर पहले से इंस्टॉल होने का विरोध कर रहे हैं। वे इसके लिए दूरसंचार विभाग के आदेश की आलोचना कर रहे हैं।
संचार साथ ऐप के डाउनलोड में आया बूम
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि यह एक प्रकार से ‘‘जासूसी’’ है और नागरिकों की प्राइवेसी का उल्लंघन है। दूरसंचार विभाग के सूत्र ने नाम उगाजर नहीं करने की शर्त पर कहा, ‘‘संचार साथी ऐप को जनता से बहुत अच्छा फीडबैक मिल रहा है। एक दिन में इसके डाउनलोड की संख्या एवरेज 60 हजार से 10 गुना बढ़कर लगभग 6 लाख पहुंच गई है।’’
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कितने लोग डाउनलोड कर चुके हैं संचार साथी ऐप
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आदेश जारी होने से पहले ही करीब डेढ़ करोड़ लोग इस ऐप को डाउनलोड कर चुके हैं। दूरसंचार विभाग ने मोबाइल बनाने वाली कंपनियों और आयातकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि धोखाधड़ी की सूचना देने वाला उनका संचार साथी ऐप, सभी नए मोबाइल डिवाइस में मौजूद होना चाहिए। और मौजूदा मोबाइल में सॉफ्टवेयर अपडेट के माध्यम से इसे उपलब्ध कराया जाए।
मोबाइल कंपनियों को क्या निर्देश दिए गए
दूरसंचार विभाग के 28 नवंबर के निर्देश के मुताबिक, आदेश जारी होने की तारीख से 90 दिन के बाद भारत में मैन्युफैक्चरिंग या इम्पोर्ट होने वाले सभी मोबाइल में संचार साथी ऐप होना जरूरी होगा। सारी मोबाइल फोन कंपनियों का 120 दिन के अंदर दूरसंचार विभाग को Compliance रिपोर्ट देना अनिवार्य है।
क्या संचार साथी ऐप को मोबाइल में रखना जरूरी
दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया साफ कर चुके हैं कि संचार साथी ऐप को यूजर जब चाहे हटा सकता है। यूजर, ऐप को रखने या उसे हटाने का फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है।
(इनपुट- भाषा)