Telecom Companies Prepaid Tariff: रिलायंस जियो को छोड़कर भारतीय टेलीकॉम इंडस्ट्री की मुख्य कंपनियों ने नवंबर के मध्य के दौरान अपने टैरिफ प्लान में या तो इजाफा किया या उनके वैलिडिटी के दिनों को घटा दिया है। अगले कुछ हफ्तों में भी भारत में टेलीकॉम कंपनियों की तरफ से टैरिफ हाइक की आशंका मंडरा रही है और इसमें निजी क्षेत्र की तीनों प्रमुख कंपनियों भारती एयरटेल, वीआई और रिलायंस जियो के साथ साथ सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनएल का भी नाम शामिल हो सकता है।
सितंबर तिमाही में टेलीकॉम कंपनियों की औसत राजस्व ग्रोथ घटकर 10 फीसदी के आसपास आ गई है जो कि इससे पिछली चार तिमाहियों से 14-16 फीसदी के आसपास आ रही थी। इतना ही नहीं इसके दिसंबर तिमाही में और नीचे जाने की आशंका है। इसके चलते एनालिस्ट्स को संभावना लग रही है कि टेलीकॉम टैरिफ में 15 फीसदी के आसपास की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
ईटी टेलीकॉम की खबर के मुताबिक ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कहा है कि स्थिर महंगाई दर और निकट समय में किसी चुनाव के ना होने की वजह से टेलीकॉम कंपनियां दिसंबर में सामान्य टैरिफ हाइक साइकिल की ओर लौट सकती है। इसके मुताबिक कंपनियों के 28 दिन की वैलिडिटी वाले रोजाना 1.5 जीबी डेटा के प्लान पर करीब 50 रुपये बढ़ाए जा सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो ये यूजर्स की जेब पर झटका साबित हो सकता है।
वीआई अपने ज्यादातर लो-एंड यूजर बेस को अपने कॉम्पीटीटर एयरटेल और जियो के मुकाबले खो रहा है, हालांकि इसके पुराने प्रतिबद्ध यूजर्स अभी भी इसके साथ बने हुए हैं और इसके सालाना प्लान इसके यूजर्स के बीच खासे पॉपुलर बने हुए हैं। वीआई के मैनेजमेंट ने पहले कहा था कि इसकी अगली प्राइस हाइक इसकी पिछली कीमतों में बढ़ोतरी के मुकाबले छोटे साइज की होगी। हालांकि ये 15 महीने के अंतराल के बाद होगी और पिछले काफी समय से कंपनी ने यूजर्स पर ज्यादा बोझ नहीं डाला है जो आगे भी ध्यान में रखा जाएगा।
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